नई दिल्‍ली, एजेंसी। भगोड़े शराब कारोबारी को भारत लाए जाने का रास्‍ता साफ हो गया है। लंदन की कोर्ट ने विजय माल्‍या के प्रत्‍यर्पण को मंजूरी दे दी है। इससे किंगफिशर कर्मचारियों को उम्‍मीद बंध गई है। कंपनी के दिवालिया घोषित होने पर उनकी सेलरी रोक ली गई थी।

किंगफिशर की पूर्व कर्मचारी नीतू शुक्‍ला का कहना है कि यह चीजों को गति स्थापित करता है। माल्‍या के पास निधियों और फंडस को हटाने जैसे आरोप हैं। यह सिर्फ पैसे की चुकाने का मामला नहीं है। इसमें कई आपराधिक कृत्‍य भी भी शामिल हैं। उन्हें मुकदमे का सामना करना चाहिए।  

Posted By: Arun Kumar Singh