'अपनी नाकामियां छिपाने के लिए विपक्ष को देते हैं नए नाम', पीएम मोदी के नाराज फूफा तंज पर खरगे का पलटवार
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विपक्ष को 'नाराज फूफा' कहने को उनकी विफलता छिपाने की राजनीतिक शैली का हिस्सा बताया।

पीएम मोदी के नाराज फूफा तंज पर खरगे का पलटवार
HighLights
कांग्रेस ने पीएम मोदी के 'नाराज फूफा' बयान पर पलटवार किया।
खरगे ने कहा पीएम अपनी विफलता छिपाने को विपक्ष को नाम देते हैं।
युवाओं के मुद्दे जैसे बेरोजगारी, पेपर लीक पर ध्यान देने की मांग।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विपक्ष को कोसने के लिए 'नाराज फूफा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने को अपनी विफलता छुपाने की राजनीतिक शैली का का हिस्सा करार देते हुए कहा कि हर साल विपक्ष को कोई नया नाम देना उनकी इस रणनीति का हिस्सा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज आफ कॉमर्स के मंच का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया कहा कि देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद के इस मौके को पीएम ने फिर एक बार राजनीतिक प्रचार में तब्दील कर दिया।
विपक्ष पर पीएम के हमलों का जवाब देते हुए रविवार को मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पोस्ट में कहा मोदी जी की मोडस ओपरंडी-लोकतंत्र में सवालों को दबाने के लिए विपक्ष को साल दर साल एक नया विशेषण देना ताकि उनकी खुद की नाकामियां छिपी रहे।
नाराज फूफा, दिमागी नक्सल, अर्बन नक्सल, खान मार्केट गैंग, आंदोलनजीवी, परजीवी विशेषण बदलते रहते हैं पर मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियां नहीं बदलती। मोदी जी आउटरीच तभी करनी पड़ती है जब आप आउट ऑफ रीच हो जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाया। देश का युवा भी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा है। इस रिपोर्ट कार्ड में है, बेरोजगारी, वर्षों से अटकी सरकारी भर्तियां, पेपर लीक से परेशान विद्यार्थी, महंगी होती शिक्षा, घटते छात्रवृत्ति अवसर और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर बढ़ता दबाव। छात्रों की गूंज सुनिए इधर-उधर की बातों से समाधान नहीं निकलेगा।
