मणिपुर हिंसा पर मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र पर हमला, पूछा- कहां गई शांति की पहल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर हिंसा पर केंद्र सरकार को घेरा, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा में भाजपा की नाकामी बताई।

मणिपुर हिंसा पर केंद्र सरकार से खरगे ने पूछे सवाल।
HighLights
खरगे ने मणिपुर हिंसा पर केंद्र सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए।
कानून-व्यवस्था, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में भाजपा को विफल बताया।
पीस कमेटी, जस्टिस मित्तल कमेटी की सिफारिशों पर स्थिति पूछी।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मणिपुर हिंसा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि रणनीतिक रूप से अहम इस सीमावर्ती राज्य में पिछले तीन साल से जिस तरह से खून-खराबा हो रहा है, वह कानून-व्यवस्था, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा व राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भाजपा की नाकामी का एक गंभीर सबूत है।
उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल भी किए और पूछा कि पीस कमेटी और जस्टिस गीता मित्तल कमेटी की सिफारिशों का क्या हुआ।
2023 से हिंसा में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत
मणिपुर में हाल की हिंसा में चार नागरिकों की मौत की निंदा करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में मई 2023 में हिंसा शुरू होने के बाद से अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 24 हजार से अधिक लोग अभी भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे भी शामिल है।
खरगे ने कहा कि इस दौरान भाजपा ने इस राज्य में शांति स्थापित करने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाने सहित मुख्यमंत्री बदलने जैसे कई तरह के प्रयास कर लिए लेकिन शांति नहीं आई।
उन्होंने कहा कि ‘मणिपुर न्याय, गरिमा, संवैधानिक अधिकार और स्थायी शांति का हकदार है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा और स्थिरता को भाजपा की राजनीतिक लाभ के लिए बंधक नहीं बनाया जा सकता है। ’
