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कौन हैं रौशन आनंद जिन्होंने लिया खान सर से पंगा? कभी फीस के बदले छात्रों से लेते थे खाना

Published: Wed, 03 Jun 2026 03:02 PM (IST)Updated: Wed, 03 Jun 2026 03:29 PM (IST)

पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के मामले में रौशन आनंद को हिरासत में लिया गया है।

रौशन आनंद। (फोटो-सोशल मीडिया)

रौशन आनंद। (फोटो-सोशल मीडिया)

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संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुए हंगामे, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने रौशन आनंद को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही उनके दो सहयोगियों अभिषेक और गौरव को भी हिरासत में लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, कदमकुआं थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खान ग्लोबल स्टूडियो के बाहर कुछ लोगों ने ईंट-पत्थर चलाए और तोड़फोड़ की। मामले की जांच के के बाद पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े लोगों की पहचान की और कार्रवाई शुरू की। गिरफ्तारी के बाद अब रौशन आनंद एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

कौन हैं रौशन आनंद?

रौशन आनंद ने बिहार के छोटे से गांव से निकलकर वहां के सबसे चर्चित शिक्षकों में अपनी पहचान बनाई है। उनका जन्म सहरसा जिले के धमसेना गांव में हुआ था। परिवार खेती किसानी से जुड़ा रहा है तो आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं था। बचपन से ही रौशन ने सीमित संसाधनों में पढ़ाई की। उनकी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल में पूरी हुई।

पढ़ाई को लेकर रौशन का नजरिया अलग था और यही वजह थी कि पढ़ाई को लेकर अपने फैसले वह खुद लेते थे। कम उम्र में ही अपने भविष्य को लेकर उन्होंने बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए थे।

15 साल की उम्र में छोड़ दिया घर

उन्होंने 15 साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया और करियर बनाने और पढ़ाई के लिए पटना पहुंच गए। यहां उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। फिर बाद में वह कोटा भी गए और वहां भी जमकर मेहनत की। उनकी मेहनत रंग लाई और AIEEE परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया।

उन्हें BIT मेसरा इंजीनियरिंग में दाखिला मिला। हालांकि आर्थिक चुनौतियों और अन्य परिस्थितियों के कारण वह इंजीनियरिंग पूरी नहीं कर पाए। उन्हें बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

सफलता अभी दूर थी

इसके बाद रौशन ने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की लेकिन यहां भी सफलता हाथ नहीं लगी। 2014 में उन्होंने बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन फिजिकल टेस्ट में सफल नहीं हो सके। इसके अलावा बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षाओं में भी वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना पाए। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और हार नहीं मानी।

तैयारी करते-करते शुरू की कोचिंग

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान ही रौशन ने कोचिंग शुरू कर दी और बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। शुरुआती दिनों में उनके पास संसाधनों की कमी थी और वह फीस के बदले छात्रों से खाना स्वीकार कर लिया करते थे। यहीं से उन्हें महसूस हुआ कि बच्चों को पढ़ाने में ही अपना भविष्य खोजेंगे।

शुरू की कोचिंग अकादमी

रौशन आनंद ने 1 सितंबर 2017 को ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी की शुरुआत की। ये शुरुआत बेहद छोटी थी और उनके पास सिर्फ चार ही छात्र थे लेकिन उनके पढ़ाने के तरीके और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुभव की वजह से धीरे-धीरे छात्रों की संख्या बढ़ने लगी। आज ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी को बिहार को सबसे बेहतरीन कोचिंग संस्थानों में गिना जाता है।

क्या है विवाद?

शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को पढ़ाने वाले रौशन सर का नाम अब विवादों में है। पटना के ही खान सर के साथ उनका विवाद है। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है।

बता दें कि खान सर और रोशन आनंद सर के कोचिंग संस्थान के बीच वर्चस्व को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसी बीच मंगलवार को यह घटना हुई है। मंगलवार की रात जो घटना हुई है उसका जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है उससे यह पता चला है कि रोशन आनंद के कोचिंग संस्थान से जुड़े लोग ही पथराव और तोड़फोड़ कर रहे हैं। 

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