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केरलम: मर्सिडीज कार हादसे में हाई कोर्ट ने जज की गिरफ्तारी पर लगाई रोक, मृतक का परिवार फैसले से निराश

Published: Thu, 29 Oct 2026 06:07 PM (IST)

केरल हाई कोर्ट ने चेरानल्लूर कार दुर्घटना मामले में नाबालिग आरोपी के पिता, एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

कार हादसे में जज की गिरफ्तारी पर रोक

कार हादसे में जज की गिरफ्तारी पर रोक

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डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। केरलम हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि चेरानल्लूर में मर्सिडीज बेंज कार से टक्कर में स्कूटर सवार की मौत के मामले में नाबालिग आरोपित के पिता और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को गिरफ्तार नहीं किया जाए। मामले की अगली सुनवाई पांच नवंबर को होगी।

गुरुवार को अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए मृतक के परिवार ने कहा कि वे हाई कोर्ट के फैसले से निराश हैं, लेकिन उसका सम्मान करते हैं। जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने अग्रिम जमानत याचिका पर राज्य और जज के वकील की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया।

मृतक के परिवार ने मामले में पक्षकार बनाए जाने की याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। पुलिस ने मामले में जज को आरोपित बनाया था, जिसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख किया। कार जज के नाम पर पंजीकृत थी।

याचिका पर सुनवाई के दौरान जज के वकील ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा घर से कार लेकर गया है। वकील ने बताया कि जज को दुर्घटना के बारे में सुबह 2.14 बजे बेटे का फोन आने के बाद पता चला। बेटे ने उन्हें बताया था कि कार दुर्घटना का शिकार हो गई है। जब उनका बेटा उनकी जानकारी के बिना कार लेकर गया, तब जज सो रहे थे।

वकील ने यह भी कहा कि पुलिस ने बुधवार को जज से चार घंटे तक पूछताछ की थी और जांच दल ने उन्हें गुरुवार को फिर पेश होने का निर्देश दिया था। विशेष सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार जब्त कर ली है।

बता दें कि रविवार तड़के चेरानल्लूर के साउथ चित्तूर निवासी जयबालकृष्णन (55) को मराप्परंबु में कंटेनर रोड पर तेज रफ्तार मर्सिडीज-बेंज कार ने टक्कर मार दी थी। अदालत को बताया गया कि जज के परिसर की तलाशी भी ली गई, जिसमें लैपटाप, मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किए गए।

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता केरलम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश संवर्ग के सेवारत न्यायिक अधिकारी हैं और उनके फरार होने या कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोई आशंका नहीं है। अदालत ने आदेश दिया, 'मामले के तथ्यों और परिस्थितियों तथा ऊपर बताए गए कारणों को देखते हुए, प्रतिवादी संख्या 2 या जांच से जुड़ा कोई अन्य पुलिस अधिकारी अगले आदेश तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं करेगा।'

अदालत ने जज को जांच दल की ओर से जारी नोटिस के अनुसार गुरुवार को दोपहर एक बजे जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा,'याचिकाकर्ता पूछताछ में सहयोग करेंगे। उनसे पूछताछ कानून और भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार की जाएगी।' इस बीच, जयबालकृष्णन की बेटी भद्रकीर्ति ने पत्रकारों से कहा कि परिवार हाई कोर्ट के फैसले से निराश है, लेकिन उसका सम्मान करता है। हम लड़ाई जारी रखेंगे।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)