यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kerala News: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में कोर्ट ने सुनाई 8 साल की सजा
केरल के तिरुवनन्तपुरम में एक नाबालिग के साथ साल 2013 में दुष्कर्म करने के आरोप में कोर्ट ने आरोपी को ...और पढ़ें

तिरुवनन्तपुरम, पीटीआई। केरल के तिरुवनन्तपुरम में एक व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म मामले में सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है। दरअसल, कोर्ट ने 2013 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और शारीरिक दुष्कर्म के आरोप में 29 वर्षीय व्यक्ति को आठ साल की जेल की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश आज सुदर्शन ने शुक्रवार को वट्टियूरकावु निवासी आरोपी लाल प्रकाश को आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और इसके अलावा उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
परिवार से संपर्क करने से रोका था
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी प्रकाश ने साल 2013 में एक 14 साल की नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने दोस्त के घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़की को उसके परिवार से संपर्क नहीं करने दिया गया। लेकिन किसी तरह से पीड़िता ने दो हफ्ते बाद अपने परिवार से संपर्क किया जिसके बाद पुलिस को उसके ठिकाने के बारे में पता चला।
स्पेशल पब्लिक अभियोजक आर एस विजय मोहन ने कहा कि अदालत ने 26 गवाहों, 21 दस्तावेजों और 19 अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद ही अदालत ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सजा सुनाई है।
बाप-बेटी के रिश्ते को किया शर्मशार
आए दिन देश में दुष्कर्म के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में यूपी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, यहां पर एक मां अपनी नाबालिग बेटी की सुरक्षा के लिए काम पर जाने से पहले उसे घर में बंद करके जाती थी और चाबी पड़ोसी को देती थी ताकि उसकी देखभाल कर सके। दरअसल, नाबालिग के पिता ने तीन महीने पहले उसका यौन शोषण किया था, जिसकी वजह से उसकी मां हमेशा डरती थी। लेकिन वो जिस पड़ोसी को चाबी देकर जाती थी उसने इसका नाजायज फायदा उठाया और एक महीने तक लगातार नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करता रहा। एक दिन पीड़िता की परिचित महिला ने उसे पकड़ लिया जिसके बाद बच्ची ने उसे अपनी आपबीती बताई और फिर पुलिस में इसकी एफआईआर दर्ज कराई।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी पड़ोसी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (2) (एन) (एक ही महिला से बार-बार बलात्कार), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
