तिरुअनंतपुरम, पीटीआई : केरल के लोक निर्माण मंत्री के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकारी समारोहों में धार्मिक गीत गाने और दिए जलाने से बचने की सलाह दी है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई है।

राज्य के लोकनिर्माण मंत्री जी. सुधाकरन ने रविवार को अलपुझा जिले में एक सेमिनार में अजीबोगरीब सलाह दे डाली। उन्होंने कहा, 'हमारे संविधान में किसी धर्म या जाति का उल्लेख नहीं है। ऐसे में सरकारी समारोह या स्कूल के कार्यक्रमों में पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित करने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार किसी विशेष जाति या धर्म को नहीं मानती है।'

उन्होंने हाल में एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम का हवाला दिया जहां छात्राएं देवी गीत गा रही थीं। सुधाकरन के मुताबिक यह सब अनुचित होते हुए भी सरकारी कार्यक्रमों में आम बात हो चुकी है। उन्होंने धार्मिक के बजाय देशभक्ति गीत गाने की सलाह दी। इससे पहले 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर संस्कृत में श्लोक पाठ पर स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने नाखुशी जताई थी।

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Posted By: Abhishek Pratap Singh

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