कोच्चि [प्रेट्र]। केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को अखिल भारतीय हिंदू महासभा की उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने मुस्लिम महिलाओं को नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों में प्रवेश दिए जाने की मांग की थी।

मुख्य न्यायाधीश ऋषिकेश रॉय और जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता न ही पीडि़त पक्ष है और न ही उसके हित प्रभावित हुए हैं। याचिका में महासभा ने सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला दिया था जिसमें शीर्ष अदालत ने सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति प्रदान कर दी है।

याचिका में कहा गया कि महिलाओं को मस्जिदों के मुख्य हॉल में प्रवेश करने और नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं है। यह उनके साथ भेदभाव है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। यहां तक कि मक्का में भी महिलाओं को प्रवेश की अनुमति है।

मुस्लिम महिलाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर करेंगी याचिका
सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रेरित होकर केरल की मुस्लिम महिलाओं के अधिकार के लिए कार्य करने वाले संगठन 'एनआइएसए' ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने का फैसला किया है। इसमें देशभर की मस्जिदों में महिलाओं को प्रवेश देने और नमाज पढ़ने की अनुमति दिए जाने की मांग की जाएगी।

इसके अलावा संगठन महिलाओं को 'इमाम' नियुक्त किए जाने के अधिकार की भी वकालत करेगा। 'एनआइएसए' की अध्यक्ष वीपी जुहरा ने कहा, ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है कि पवित्र कुरान और पैगम्बर मुहम्मद ने महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश या नमाज पढ़ने का विरोध किया हो।

Posted By: Vikas Jangra