विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

CMRL 'रिश्वत' मामले में विजयन, बेटी वीणा एवं दामाद रियास को झटका

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:04 PM (IST)

केरलम हाईकोर्ट ने सीएमआरएल रिश्वत मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी और दामाद की अपील खारिज कर दी है।

हाईकोर्ट ने सीएमआरएल रिश्वत मामले में अपीलें खारिज कीं।

हाईकोर्ट ने सीएमआरएल रिश्वत मामले में अपीलें खारिज कीं।

HighLights

  1. हाईकोर्ट ने सीएमआरएल रिश्वत मामले में अपीलें खारिज कीं।

  2. एफआईआर से पहले आरोपी को सुनवाई का कोई अधिकार नहीं।

  3. भाजपा ने विजयन से नेता प्रतिपक्ष पद छोड़ने को कहा।

डिजिटल डेस्क,कोच्चि। केरलम की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत, हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और उनके दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास को बड़ा झटका दिया है।

कोर्ट ने सीएमआरएल से जुड़े कथित रिश्वत मामले में एकल जज के उस आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की उनकी याचिकाएं खारिज कर दी हैं, जिसमें उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

न्यायमूर्ति के. नटराजन और न्यायमूर्ति जानसन जान की खंडपीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में एफआइआर दर्ज किए जाने से पहले आरोपित को अपना पक्ष रखने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

इसके साथ ही, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि आरोपितों के पास एफआइआर रद कराने के लिए अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दायर करने या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 528 के तहत कानूनी उपाय अपनाने का विकल्प अभी भी खुला हुआ है।

कोर्ट ने कहा कि जब ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 66(2) के तहत पर्याप्त सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, तो प्रारंभिक जांच की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती।

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि एकल जज ने नौ अक्टूबर को आदेश देने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना था। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि अपील दायर करने का कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता है, और तदनुसार याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

उधर, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शोन जार्ज ने विजयन से विपक्ष के नेता के पद से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) तुरंत एक बैठक बुलाए और विजयन से विपक्ष के नेता का पद छोड़ने के लिए कहे क्योंकि उनके पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

सोर्स- न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार