तिरुवनंतपुरम [एएनआइ]। केरल में बाढ़ ने हर ओर तबाही मचा दी है। सैंकड़ों लोगों की मौत के अलावा जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। हालांकि, अब पानी कम होने लगा है और लोग धीरे-धीरे घरों में लौट रहे हैं। 

बाढ़ के प्रकोप से बच्चे भी अछूते नहीं रहे हैं। उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई बच्चों की स्कूली किताबें और कापियां बाढ़ में बह गई हैं तो कई की पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। ऐसे में बच्चों को अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है।

शिमना का आखिरी साल
शिमना का कॉलेज में स्नातक (ग्रेजुएशन) का अंतिम वर्ष (फाइनल ईयर) है। उसने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। शिमना का कहना है कि बाढ़ की वजह से उसके नोट्स और किताबें खराब हो गई हैं, ऐसे में उसे परीक्षा की तैयारी में परेशानी होगी। इसीलिए सरकार इस बारे में कोई मदद करे।

गौतम की बोर्ड की परीक्षा
वेंदिपेरियार के ही गौतम की भी यही समस्या है। उसकी भी ज्यादातर किताबें और नोटबुक खो चुकी हैं। गौतम 15 दिनों के बाद राहत शिविर से लौटा है। घर आया तो बाढ़ बहुत कुछ बहा ले गई थी। गौतम दसवीं कक्षा का छात्र है। उसने कहा, 'मुझे नहीं पता कि मैं परीक्षा की तैयारी कैसे करूंगा'। गौतम के पिता ने कहा कि हमारा सब कुछ खो गया है।  

Posted By: Vikas Jangra

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