केरलम: हत्या मामले में अदालत ने भाजपा-RSS से जुड़े 21 लोगों को किया बरी, आरोपियों के खिलाफ नहीं मिला पर्याप्त सबूत
केरलम की एक अदालत ने 2014 में एसडीपीआई कार्यकर्ता जैनुल आबिद की हत्या के मामले में भाजपा-आरएसएस से जुड़े 21 लोगों को बरी कर दिया है।

HighLights
केरलम अदालत ने 21 भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं को बरी किया।
2014 के एसडीपीआई कार्यकर्ता जैनुल आबिद हत्या का मामला।
अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा।
डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। केरलम की एक अदालत ने शनिवार को भाजपा-आरएसएस से जुड़े 21 लोगों को बरी कर दिया। इन पर 2014 में एसडीपीआई कार्यकर्ता जैनुल आबिद की हत्या का आरोप था। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अचिंद्य राज उन्नी ने सभी को बरी कर दिया। बरी किए गए लोगों में भाजपा के स्थानीय नेता महेश के., उदयन, प्रशांत, प्रताप और हरीश बी. शामिल हैं।
मुकदमे के दौरान, अदालत ने 81 गवाहों के बयान दर्ज किए और 20 भौतिक साक्ष्यों तथा 150 दस्तावेजों पर विचार किया। यह हत्या 22 दिसंबर 2014 की रात को कासरगोड में पुराने बस स्टैंड के पास हुई थी।
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के समर्थक आबिद रात करीब 9:30 बजे अपने पिता के ए मुहम्मद कुन्ही के साथ गद्दे की दुकान बंद करने में मदद कर रहे थे।
उसी दौरान धारदार हथियारों से लैस हमलावरों का समूह दुकान में घुसा और हमला बोल दिया। आबिद की चीखें सुनकर आस-पास के दुकानदार मौके पर पहुंचे, लेकिन हमलावर भाग गए थे।
आबिद को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन मौत हो गई। हत्या के बाद मामला दर्ज किया गया और भाजपा-आरएसएस से जुड़े 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
