नई दिल्ली (जेएनएन)। देश को झकझोर कर देने वाले कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार को नोटिस जारी कर मृतका के पिता की ओर से दायर की गई याचिका पर जवाब मांगा है। मृतका के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केस कठुआ से चंडीगढ़ ट्रांसफर करने व सीबीआइ जांच की मांग की है। कोर्ट में मृतका की ओर से सुप्रीम कोर्ट की सीनियर वकील इंदिरा पेश हुईं और उन्‍होंने कहा कि कश्‍मीर में हालात अभी ऐसे नहीं हैं, जिनके बीच निष्‍पक्ष जांच और सुनवाई हो सके। माहौल अभी काफी विपरीत हैं। साथ ही इंदिरा ने जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस की कोर्ट में तारीफ करते हुए कहा कि राज्‍य की पुलिस ने काफी अच्‍छा काम किया। उन्‍होंने सभी अरोपियों और सबूतों को बरामद कर लिया है।

इसके बाद कोर्ट ने केस ट्रांसफर करने की अर्जी पर जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया। साथ ही जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार को निर्देश दिया कि वे मृतका के परिवार और उनके वकीलों को पुलिस प्रोटेक्‍शन दी जाए।

बता दें कि मृतका का परिवार इस मामले की सुनवाई चंडीगढ़ ट्रांसफर करवाना चाहता है। सुरक्षा कारणों के चलते वे इसकी मांग कर रहे हैं। वहीं, जम्मू कश्मीर में इस मामले की सुनवाई कर रही जिला अदालत ने सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी देने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।

बता दें कि पीड़ित पक्ष की वकील दीपिका सिंह राजावत का कहना है कि इस मामले में सियासी दखलअंदाजी हो सकती है। साथ ही उन्होंने आशंका जताई है कि राज्य में मामले की सुनवाई से पीड़िता को न्याय नहीं मिल सकता। वहीं, बीते वक्त में आरोपियों के पक्ष की ओर से प्रदर्शन को लेकर भी पीड़ित पक्ष बेहद चिंतित है, इसलिए वे इस मामले की सुनवाई किसी दूसरे राज्य में करने की मांग कर रहे हैं। पीड़ित पक्ष की वकील दीपिका ने कहा,' आरोपियों को बचाने वाले लोग मुझे लगातार धमकियां दे रहे हैं। मेरी जान को खतरा है, मेरे साथ भी दुष्कर्म हो सकता है।

By Nancy Bajpai