जम्मू (जागरण संवाददाता)। कश्मीरी पंडितों का प्रमुख त्योहार और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक क्षीर भवानी मेला पंडितों को अपनी मिट्टी से जोड़ने के अलावा परंपराओं से रूबरू कराएगा। 20 जून को कश्मीर के तुलमुला में लगने वाले मेले में देश-विदेश में बसे पंडित जुटेंगे। मां क्षीर भवानी, जिन्हें मां राघेन्या भी कहा जाता है, कश्मीरी पंडितों की आराध्य देवी हैं।

मां क्षीर भवानी का मुख्य स्थान जिला गांदरबल के तुलमुला में है। जम्मू से 17 जून को पहला जत्था रवाना होगा। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। नगरोटा के जगटी क्षेत्र में रहने वाले विस्थापित पंडितों के लिए मेला स्थल तक निशुल्क बस सेवा मुहैया करवाई गई है। मेला क्षीर भवानी सिर्फ तुलमुला गांदरबल में ही नहीं होगा बल्कि कुपवाड़ा में टिककर, लक्षितपोरा, मटन, अनंतनाग में वेसु, मंझगाम, कुलगाम में देवसर और शोपियां के कपालमोचन में भी मनाया जाएगा। संभावना है कि पिछले वर्षो की तुलना में इस बार अधिक श्रद्धालु कश्मीर पहुंचेंगे। प्रत्येक वर्ष क्षीर भवानी यात्रा के लिए जम्मू से भी हजारों की संख्या में पंडित कश्मीर रवाना होते हैं। यही वह मौका होता है जब सालों से बिछुड़े रिश्तेदार, पड़ोसी और दोस्तों से यहां मिलते हैं। इस यात्रा के लिए पंडित कई दिन पहले ही तैयारी शुरू कर देते हैं।

दिल्ली से भी चलेंगी विशेष बसें

जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस बार क्षीर भवानी मेले में जाने के इच्छुक कश्मीरी विस्थापित पंडितों के लिए दिल्ली से श्रीनगर तक निशुल्क बस सेवा शुरू करने का फैसला किया है। दिल्ली से तुलमुला गांदरबल तक एयर कंडीशनड वॉल्वो बसें चलेगी। बसें 18 जून को दिल्ली से चलेंगी और 21 जून को वापस दिल्ली में आएंगी। कोई भी कश्मीरी विस्थापित पंडित अगर क्षीर भवानी मेले में जाने का इच्छुक होगा तो वह 14 जून से पहले अपना नाम नई दिल्ली स्थित रेजीडेंट कमीशन में विस्थापितों के लिए बने विशेष सेल में दर्ज करवा सकता है। यह सुविधा पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर होगी।

जम्मू में भी लगेगा मेला

जम्मू के न्यू प्लाट के निकट भवानी नगर में भी बीस जून को क्षीर भवानी मेले का आयोजन होगा। जम्मू में रहने वाले विस्थापित कश्मीरी पंडितों की ओर से यहां पर तुलमुला गांदरबल स्थित मंदिर की तरह हूबहू यहां पर भी मंदिर निर्माण किया है। यहां पर हर साल विशाल मेले का आयोजन होता है और जो श्रद्धालु कश्मीर नहीं जा पाते, वो यहां पर पूजा-अर्चना करते है। यहां श्रद्धालुओं के लिए बड़े पैमाने पर भंडारों का आयोजन होता है। कश्मीर में गंदरबल जिला के तुलमुल क्षेत्र में मां क्षीर भवानी के मंदिर की महाराजा प्रताप सिंह ने स्थापना की थी। मान्यता है कि मंदिर के कुंड के पानी की खासियत है कि संसार में जब भी कुछ घटता है कुंड के पानी का रंग बदल जाता है। यहां कई दिन मां के मेले का आयोजन होता है।

Posted By: Arti Yadav

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