जम्मू (जेएनएन)। दक्षिण कश्मीर के जिला कुलगाम के रेनिपोरा गांव में दीपावली के दिन समुदाय विशेष ने एक कश्मीरी पंडित परिवार को घाटी से बेदखल करने का फरमान सुनाया। उसके घर पथराव तक किया गया। मामला उछलते ही पुलिस इसे दो परिवारों का भूमि विवाद बता रही है।

सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कश्मीरी पंडित दंपती सड़क पर कश्मीर छोड़ने के फरमान के विरोध में प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय समाचार चैनल के वीडियो में दिखाया गया है कि जिला कृषि अधिकारी अवतार कृष्ण और उनकी पत्नी मुख्य सड़क पर यातायात अवरुद्ध कर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले तीन भाइयों पर आरोप लगाया कि गांव से निकालने के लिए उन्होंने दीपावली की रात उनके घर पर पथराव किया। उस समय वे घर के बाहर मोमबत्ती जला रहे थे। जैसे-तैसे उन्होंने अपनी जान बचाई।

अवतार ने कहा कि मैं विस्थापित नहीं हूं। मैं घाटी में अपने घर में मुसलमान भाइयों के बीच पूरी गरिमा के साथ रह रहा हूं। उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि तीन भाइयों को छोड़ बाकी मुस्लिम भाइयों ने हमेशा उनके साथ अच्छा व्यवहार किया है। वीडियो में शामिल बुजुर्ग कश्मीरी पंडित महिला ने भी पड़ोसियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीधर पंत ने कहा कि उन्होंने एडीसी तलत परवेज के साथ शनिवार को पंडित परिवार से मुलाकात की।

पंडित परिवार और उनके पड़ोसी दोनों की भूमि के एक टुकड़े पर नजर है। इसी सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर झगड़ा चला आ रहा है। उन्होंने पहले भी उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया है, जिस पर जांच चल रही है। कानून के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस नियंत्रण कक्ष, कुलगाम में शिकायत मिलते ही पुलिस की एक टीम परिवार की मदद के लिए भेज दी गई थी। पंडित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

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Posted By: Kishor Joshi

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