श्रीनगर, प्रेट्र : कश्मीर में आतंकवादियों और पत्थरबाजों को पाकिस्तान से रुपये मिलने के मामले में एनआइए को अहम सुबूत मिल गया है। टेरर फंडिंग मामले के दो आरोपियों ने कोर्ट में इस बारे में इकबालिया बयान दिए हैं। इसमें उन्होंने पाक से पैसा मिलने की बात कबूल की है। अब कश्मीर में अशांति फैलाने वाले अलगाववादियों पर शिकंजा कसने में एनआइए को बड़ी मदद मिलने की संभावना है।

एनआइए ने दो आरोपियों को गत 24 जुलाई को कश्मीर में उनके घर से गिरफ्तार किया था। एक आरोपी ने बयान में बताया है कि पाकिस्तान से कैसे पैसा आतंकी संगठनों तक पहुंचता है। पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ के घाटी में मौजूद एजेंट उसमें मददगार बनते हैं। दूसरा आरोपी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का करीबी है।

अब तक 12 गिरफ्तार

टेरर फंडिंग के मामले में एनआइए अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें गिलानी का दामाद अल्ताफ अहमद शाह व कश्मीर का बड़ा व्यापारी जहूर वटाली शामिल है। इनमें से दो लोगों को मंगलवार को ही गिरफ्तार किया गया है। गिलानी के एक अन्य करीबी व कट्टरपंथी अलगाववादी संगठन तहरीके हुर्रियत के प्रवक्ता अयाज अकबर व पीर सेफूल्ला को भी पकड़ा जा चुका है। एनआइए ने मंगलवार को जम्मू से जहूर अहमद पीर और नजीर अहमद पीर को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों एलओसी पार से घुसपैठ करने वाले लश्कर के आतंकियों को वादी के भीतरी इलाकों में सुरक्षित पहुंचाने व उनके लिए सुरक्षित ठिकानों का बंदोबस्त करते थे।

कुपवाड़ा के जहामा क्षेत्र के रहने वाले इन दोनों को एनआइए ने एक साल की कड़ी छानबीन के बाद पकड़ा है। जहूर और नजीर का नाम 25 जुलाई 2016 को जिला कुपवाड़ा के अंतर्गत नौगाम सेक्टर में सेना के जवानों द्वारा पकड़े गए लश्कर आतंकी बहादुर अली उर्फ सैफुल्ला ने पूछताछ में लिया था। बहादुर अली जहूर और नजीर के साथ चार घुसपैठियों के एक दल को लेने एलओसी पर पहुंचा था, लेकिन मुठभेड़ में वह पकड़ा गया। जहूर और नजीर वहां से भाग निकले थे, जबकि सरहद पार से आए चारों आतंकी मारे गए थे। एनआइए ने बहादुर अली को 28 जुलाई 2017 को अपनी हिरासत में लिया था, जबकि इसी साल छह जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट में उसके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। बहादुर अली से मिली जानकारी के आधार पर एनआइए ने स्थानीय पुलिस व अन्य खुफिया एजेंसियों की मदद से जहूर और नजीर को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर नई दिल्ली ले जाया गया है।

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Posted By: Gunateet Ojha

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