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    Kashi-Tamil Sangamam: इस बार दो चरणों में होगा काशी-तमिल संगमम, 2 दिसंबर से होगी शुरूआत

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 09:30 PM (IST)

    केंद्र सरकार तमिलनाडु के विरोध के बावजूद काशी-तमिल संगमम को भव्य रूप से आयोजित करेगी। इस बार थीम 'चलो तमिल सीखें' है। दो चरणों में, तमिलनाडु से युवा काशी आएंगे और देश भर से छात्र तमिलनाडु जाएंगे। छात्रों को तमिल भाषा सिखाई जाएगी, जिसके लिए तमिल शिक्षक काशी के स्कूलों में पढ़ाएंगे। यूपी के 350 स्कूलों ने भी तमिल सिखाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

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    काशी-तमिल संगमम। (फोटो सोर्स- पीआईबी)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। तमिलनाडु की स्टालिन सरकार के हिंदी और संस्कृत विरोधी रवैए को दरकिनार करते हुए केंद्र सरकार ने इस बार काशी-तमिल संगमम को और भव्य रूप से आयोजित करने का फैसला लिया है। जो इस बार दो चरणों में होगा। इसकी थीम चलो तमिल सीखें होगी। इसके पहले चरण की शुरूआत दो दिसंबर से होगी और यह 15 दिसंबर तक चलेगा।

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    इसमें तमिलनाडु के अलग- अलग क्षेत्रों से जुड़े 15 सौ युवाओं, उद्यमियों व कला-संगीत प्रेमियों का दल काशी आएगा। वहीं दूसरे चरण की शुरूआत 16 दिसंबर से होगी, जो कि 30 दिसंबर तक चलेगा। इनमें देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों के 350 छात्रों का दल तमिलनाडु जाएगा।

    दो चरणों में होगा काशी-तमिल संगमम

    वैसे तो यह आयोजन 2022 से लगातार होते आ रहा है लेकिन इस बार इसकी खासियत यह होगी कि इसके दोनों ही चरणों में छात्रों को तमिल भाषा भी सिखाई जाएगी। पहले चरण में तमिलनाडु से हिंदी जानने वाले 50 तमिल शिक्षक आएंगे, जो 14 दिनों तक काशी और उसके आसपास के 30 स्कूलों में बच्चों को आम बोलचाल की तमिल भाषा सिखाएंगे। वहीं दूसरे चरण में 350 छात्रों का दल तमिलनाडु जाकर वहां के नौ शिक्षण संस्थानों में तमिल भाषा सीखेगा।

    शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीत जोशी ने बताया कि तमिलनाडु से यह दल अलग-अलग ग्रुप में आएगा। पहला ग्रुप एक दिसंबर को काशी पहुंचेगा। जिन्हें तमिलनाडु के प्राचीन शहरों के साथ काशी के पुरातन समय से चले आ रहे जुड़ाव से परिचित कराया जाएगा। बाद में यह प्रयागराज में संगम व अयोध्या में श्रीराम मंदिर का दर्शन करने भी जाएंगे।

    यूपी के 350 स्कूलों ने कराया रजिस्ट्रेशन

    इस अभियान के तहत आइआइटी मद्रास ने विद्या शक्ति पोर्टल के जरिए भी तमिल भाषा को सिखाने की एक बड़ी मुहिम शुरू की है। अब तक 650 से अधिक स्कूल जुड़कर बच्चों को तमिल भाषा की शिक्षा दिला रहे है। इस दौरान उत्तर प्रदेश के भी करीब 350 स्कूलों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। जिसमें करीब 15 हजार छात्रों को तमिल भाषा सिखायी जाएगी।

    इस दौरान एक वाहन यात्रा दो दिसंबर को महर्षि अगस्त से जुड़े स्थल टेनकाशी (तमिलनाडु) से शुरू होगी। जो 10 दिसंबर को छह राज्यों से होते हुए काशी पहुंचेगी। यह यात्रा महर्षि अगस्त से जुड़े स्थलों से होकर गुजरेगी।