कर्नाटक में 'कर्तव्य' एप से नाइट अटेंडेंस, रात 9 बजे बाद डॉक्टरों को मुख्यालय में रहना अनिवार्य; GPS से होगी ट्रैकिंग
कर्नाटक सरकार ने 'कर्तव्य' मोबाइल एप के माध्यम से जियोफेंसिंग आधारित रात्रि उपस्थिति प्रणाली शुरू की है।

कर्नाटक में 'कर्तव्य' एप से नाइट अटेंडेंस । (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
'कर्तव्य' एप से जियोफेंसिंग आधारित रात्रि उपस्थिति प्रणाली शुरू।
1 नवंबर से डॉक्टरों के लिए मुख्यालय में रहना अनिवार्य।
नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई।
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 'कर्तव्य' मोबाइल एप के जरिये जियोफेंसिंग आधारित नाइट-टाइम अटेंडेंस सिस्टम (रात की हाजिरी प्रणाली) की शुरुआत की है।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों के लिए अपने मुख्यालय में रहना अनिवार्य करना है, जिससे आम जनता को समय पर और सुगम सरकारी सेवाएं मिल सकें।
एक नवंबर से होगी शुरूआत
इस अभिनव पहल की शुरुआत एक नवंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले तालुक अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के सभी डॉक्टरों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगी। इसके तहत डाक्टरों को रात नौ बजे के बाद अपने निर्धारित मुख्यालय (कस्बे, शहर या गांव) की भौगोलिक सीमा (जियोफेंसिंग) के भीतर रहकर ही इस एप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
अधिकृत अनुमति या स्वीकृत अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है, बशर्ते उन्हें एप में इसका कारण दर्ज करना होगा।
नियमों की अनदेखी पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
उप लोकायुक्त की कार्यवाही में कई कर्मचारियों के मुख्यालय से बाहर रहने और प्रशासनिक कार्यों में देरी की बात सामने आने के बाद यह कड़ा निर्णय लिया गया है। नियमों की अनदेखी करने पर सिविल सेवा नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे अन्य विभागों और संवर्गों में भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा, एक अलग परिपत्र के माध्यम से सरकार ने विभिन्न विभागों, निगमों और सहायता प्राप्त संस्थानों में कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी 'कर्तव्य' एप पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है।
25 नवंबर 2026 तक पंजीकरण कराना अनिवार्य
इन कर्मचारियों के लिए 25 नवंबर 2026 तक पंजीकरण कराना अनिवार्य है, जबकि एक दिसंबर से हाजिरी इसी एप से लगेगी। साथ ही, एक जनवरी 2027 से वेतन और बिलों का भुगतान केवल इसी एप की अटेंडेंस रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा, जिससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित होगी।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
