शिवमोगा, पीटीआइ। कर्नाटक के शिवमोगा में इस हफ्ते की शुरुआत में इस्लामिक स्टेट (आईएस) से प्रेरित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। कर्नाटक पुलिस ने इन संदिग्‍धों के बारे में सनसनीखेज जानकारियां साझा की हैं। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए शख्‍स इस्लामिक स्टेट (आईएस) से प्रेरित थे और भारत में खलीफा शासन की स्थापना करना चाहते थे। इनकी मंशा भारत में शरिया कानून लागू करने की थी। संदिग्‍धों का मानना था कि भारत ने अभी तक स्वतंत्रता हासिल नहीं की है।  

शरिया कानून लागू करना चाहते थे संदिग्‍ध

शिवमोगा के पुलिस अधीक्षक बीएम लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति भारत में इन विचारों को अंजाम तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे थे। आरोपियों का मानना था कि भारत ने अभी तक असल आजादी हासिल नहीं की है। भारत को जो आजादी मिली है वह ब्रिटिश शासन से है। भारत को असली आजादी तब मिलेगी जब खिलाफत स्थापित होगी। खिलाफत की स्‍थापना के बाद शरिया कानून लागू होगा।

विस्फोटक की खरीद करने के फ‍िराक में थे आरोपी

पुलिस का आरोप है कि गिरोह के सदस्य विस्फोटक की खरीद करने के फ‍िराक में थे। इन संदिग्‍धों की योजना पूरे मुल्‍क में धमाके करने की थी। पुलिस ने इंजीनियर सैयद यासीन (21), इंजीनियरिंग के छात्र माज़ मुनीर अहमद (22) और शारिक (24) पर भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के विभिन्न प्रावि‍धानों के तहत केस दर्ज किया है। गिरोह के सदस्य इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

तीनों आरोपियों के इस्लामिक स्टेट से संबंध

बीते दिनों कर्नाटक के गृहमंत्री अर्गा ज्ञानेंद्र ने कहा था कि तीनों आरोपियों के इस्लामिक स्टेट से संबंध हैं। पुलिस इनकी संदिग्‍ध गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। तीनों आरोपी शिवमोगा और तीर्थहल्ली के रहने वाले हैं। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों ने बम विस्‍फोट समेत आतंकी गतिविधियों की ट्रेनिंग ली है। इस गिरोह के सरगना यासीन से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के पाकिस्‍तान कनेक्‍शन की भी पड़ताल की जा रही है।

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Edited By: Krishna Bihari Singh