कर्नाटक सरकार ने शिकारियों की गोलीबारी से जुड़े चार मामले CID को सौंपे, तमिलनाडु ने उठाए सवाल
कर्नाटक सरकार ने चामराजनगर में संदिग्ध शिकारियों की गोलीबारी और हिंसा से जुड़े चार मामलों की जांच सीआईडी को सौंप दी है।
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कर्नाटक सरकार ने शिकारियों की गोलीबारी के चार मामले सीआईडी को सौंपे गए
HighLights
शिकारियों की गोलीबारी के चार मामले सीआईडी को सौंपे गए
चामराजनगर के डाट्टी वन क्षेत्र में हुई थी घटना
तमिलनाडु की द्रमुक पार्टी ने जांच पर सवाल उठाए
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने चामराजनगर जिले में तीन संदिग्ध शिकारियों की गोलीबारी और उसके बाद हुई हिंसा से संबंधित चार मामलों को आगे की जांच के लिए सीआइडी को सौंप दिया है। 15 अगस्त को जिले के डाट्टी वन क्षेत्र में वन कर्मियों द्वारा तीन संदिग्ध शिकारियों को गोली मारी गई थी।
चामराजनगर जिले के रामापुरा, हनूर और कोलेगाला ग्रामीण पुलिस थानों में दर्ज चार मामलों को तत्काल प्रभाव से सीआइडी को सौंपा गया है। कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक और निरीक्षक जनरल, एमए सलीम ने चामराजनगर के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे मामले की फाइलें और जांच अधिकारी सीआइडी को सौंप दें और विस्तृत रिपोर्ट भेजें।
तीन संदिग्ध शिकारी जान रोज पीटर, सेबेस्टियन डेविड कुमार और एंथनी स्वामी जंगल में मारे गए थे। इन शिकारियों ने हिरण का शिकार किया था। उनके बैग में बंदूकें और हिरण के अवशेष पाए गए।
पड़ोसी तमिलनाडु में विपक्षी पार्टी द्रमुक ने दावा किया है कि पीड़ित तमिल थे और कर्नाटक अधिकारियों के गोलीबारी के मामले में स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए हैं। तमिलनाडु विधानसभा में इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने दावा किया कि मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह संकेत मिला है कि उन्हें "पीटा गया और बहुत करीब से गोली मारी गई।'
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
