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'22 लाख का हीरे का हार जनपथ तो नहीं पहुंचा?', कर्नाटक पेपर लीक पर भाजपा का राहुल गांधी पर हमला

Published: Thu, 01 Oct 2026 11:41 PM (IST)Updated: Fri, 02 Oct 2026 12:23 AM (IST)

भाजपा ने कर्नाटक में हुए वेटरिनरी आफिसर्स भर्ती पेपर लीक मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। ...और पढ़ें

कर्नाटक पेपर लीक मामले पर बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

कर्नाटक पेपर लीक मामले पर बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

HighLights

  1. कर्नाटक वेटरिनरी आफिसर्स भर्ती पेपर लीक का मामला।

  2. भाजपा ने राहुल गांधी से 22 लाख के हार पर सवाल किया।

  3. सीआईटी और ईडी जांच में बड़े लेनदेन का खुलासा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पेपर लीक पर छात्रों की गूंज कार्यक्रम कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सामने अब कांग्रेस शासित कर्नाटक का ही पेपर लीक मामला है। भाजपा ने कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (केपीएससी) द्वारा आयोजित वेटरिनरी आफिसर्स भर्ती पेपर के लीक के आरोप में सीआईटी और ईडी की जांच के हवाले से दावा किया है कि प्रति अभ्यर्थी 30-40 लाख रुपये में प्रश्न-पत्र का सौदा हुआ।

भाजपा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने सवाल उठाया कि छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस नेता के दोहरे मापदंड क्यों हैं? यही नहीं, गंभीर आरोप की शक्ल में पूछा- जांच में जो 22 लाख रुपये का हीरे का हार उपहार में दिए जाने का मामला सामने आया है, वह हीरे का हार जनपथ पर तो नहीं?

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि आठ और नौ जनवरी के बीच केपीएससी द्वारा वेटिरनरी आफिसर्स रिक्रूटमेंट परीक्षा आयोजित की गई। उससे एक दिन पहले यानी सात जनवरी को पेपर लीक हो गया। एक स्टिंग ऑपरेशन से पैसे के लेनदेन की बात सामने आई। इसके बाद छात्र एस. मंजुनाथ ने व्हिसलब्लोअर के रूप में इसका खुलासा किया। बाद में स्टेट सीआइडी और सेंट्रल ईडी ने इसकी जांच की।

इसमें सामने आया कि 1.52 करोड़ रुपये का लेन-देन पुष्ट है, लेकिन इससे भी ज्यादा रकम हो सकती है। इसके अलावा सेंट्रल ईडी द्वारा लगभग 18 और 24 अगस्त के बीच जो चीजें पकड़ी गईं, उनमें बहुत बड़ी-बड़ी रकम के बैंक ट्रांसफर भी शामिल हैं। सोने के आभूषण भी शामिल हैं। अब यह 22 लाख रुपये का हीरे का हार किसके पास है?

संबित पात्रा ने कहा कि राहुल 'झूठ की गूंज' तो कर रहे हैं, लेकिन नेकलेस की सच्चाई भी बताएं। उन्होंने दावा किया कि हमें सब मालूम है। इस हार का खुलासा भी होगा कि किसको उपहार में दिया गया।

जांच में कर्नाटक सरकार के शीर्ष नेताओं की संलिप्तता की आशंका जताए जाने के साथ ही भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह पूरा विषय एक छात्र हाईकोर्ट में लेकर गया। हाई कोर्ट ने विषय को गंभीर बताते हुए एसआइटी गठित करने के लिए कहा तो विरोध में कर्नाटक सरकार सुप्रीम कोर्ट क्यों गई?