विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Karnataka Hijab Row: हिजाब विवाद पर आज हाईकोर्ट में फिर होगी सुनवाई, तीन दिन तक बंद हुए स्कूल-कालेज

By Manish NegiEdited By:
Published: Wed, 09 Feb 2022 08:47 AM (IST)Updated: Wed, 09 Feb 2022 01:25 PM (IST)

Karnataka Hijab Row कर्नाटक में हिजाब विवाद को लेकर मंगलवार को भी हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हिजाब पहनकर कालेज में ...और पढ़ें

हिजाब विवाद पर आज हाईकोर्ट में होगी सुनवाई (फाइल फोटो)
हिजाब विवाद पर आज हाईकोर्ट में होगी सुनवाई (फाइल फोटो)

नई दिल्ली, जेएनएन। कर्नाटक में हिजाब विवाद को लेकर आज फिर हाईकोर्ट में सुनावई होगी। मंगलवार को भी इस मामले में सुनवाई हुई थी। जस्टिस कृष्णा दीक्षित इसकी सुनवाई कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा था कि संविधान जो कहता है, हम उस पर चलेंगे। संविधान हमारे लिए भगवद गीता है। हम कानून के तहत इस केस को देखेंगे जुनून या भावनाओं से नहीं। वहीं, एडवोकेट जनरल ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा, कलेजों को यूनिफर्म तय करने की स्वायत्तता दी जानी चाहिए, जो छात्र छूट चाहते हैं वे कालेज से संपर्क करें।

तीन दिन तक स्कूल-कालेज बंद

हिजाब विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने राज्य में तीन दिनों के लिए सभी हाई स्कूल और कालेजों को बंद करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कर्नाटक हाईकोर्ट के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। मैं छात्रों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करता हूं।

मुस्लिम लड़की के साथ बदसलूकी का वीडियो वायरल

इसी बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें हिजाब पहनी एक लड़की से कई लड़के बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कई नेता इसकी आलोचना कर रहे हैं।

मलाला ने भी किया ट्वीट

उधर, पाकिस्तानी कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने भी इस मामले पर अपनी टिप्पणी की है। मलाला ने कहा कि स्कूलों में लड़कियों को हिजाब पहनकर प्रवेश देने से रोकना भयावह है। उन्होंने कहा कि भारतीय नेताओं को मुस्लिम महिलाओं को हाशिये पर जाने से रोकना चाहिए।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

कर्नाटक में हिजाब पहनने पर विवाद उडुपी जिले के सरकारी कालेज से शुरू हुआ था। यहां मुस्लिम समुदाय की 6 छात्राओं को हिजाब पहनने पर कक्षाओं में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। हिजाब पहनने वाली छात्राओं को आनलाइन क्लास का विकल्प अपनाने को कहा गया था। छात्राओ ने कालेज के फैसले को मानने से इनकार कर दिया था और हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका भी दायर की है।