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खाने के पास खटमल की दवा तो कहीं एक्सपायर्ड सामान...बेंगलुरु के 64 PG में छापेमारी; 23 को भेजा गया नोटिस

Published: Fri, 04 Sep 2026 10:25 PM (IST)Updated: Fri, 04 Sep 2026 10:26 PM (IST)

कर्नाटक खाद्य सुरक्षा विभाग ने बेंगलुरु के 64 पीजी हॉस्टलों पर छापा मारा, जिसमें खराब खाने और साफ-सफाई की कमी पाई गई।

एआई से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर।

एआई से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. बेंगलुरु में 64 पीजी हॉस्टलों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा।

  2. खराब खाने और साफ-सफाई की कमी पर 23 पीजी को नोटिस।

  3. एक पीजी में खाने के पास मिली खटमल मारने की जहरीली दवा।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FDA) ने बेंगलुरु और उसके आसपास के इलाकों में पेइंग गेस्ट (PG) यानी हॉस्टलों पर बड़ी कार्रवाई की है। खराब खाने और साफ-सफाई की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अधिकारियों ने 64 पीजी में विशेष छापेमारी की, जिसमें भारी अनियमितताएं मिलने पर 23 पीजी को नोटिस जारी किया गया है।

खटमलों की दवा और खाना एक साथ

मिली जानकारी के अनुसार बोम्संद्रा स्थित 'नंदना एलीट पीजी' में जो लापरवाही सामने आई, उसने सबको चौंका दिया। यहां डाइनिंग टेबल पर खाने के ठीक बगल में खटमलों को मारने वाली जहरीली पाउडर रखी हुई मिली। गंभीर स्वच्छता उल्लंघन के चलते अधिकारियों ने तुरंत इस डाइनिंग एरिया को सील कर दिया।

इतना ही नहीं छापेमारी के दौरान कई पीजी से एक्सपायर्ड दही, चावल का आटा, बिसिबेले बाथ मसाला, सिंथेटिक फूड कलर, काली मिर्च और बिना ब्रांड वाले खाद्य पदार्थ बरामद किए गए, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने गुणवत्ता की जांच के लिए इन पीजी से खाने के कुल 12 सैंपल्स लेकर लैब में भेजे हैं।

हाल ही में अन्य जगहों पर भी हुई है सख्ती

बता दें कि पिछले दो महीनों से कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा विभाग का यह विशेष अभियान लगातार जारी है। इसके तहत होटल, रेस्तरां, ऑनलाइन डिलीवरी डार्क स्टोर और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर भी ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे हैं।

ई-कॉमर्स कंपनियों पर भी शिकंजा

इतना ही नहीं पिछले हफ्ते ही कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर जहरीले धतूरे के फल और बीज बेचे जाने के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए अमेजन, इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस निलंबित करने का आदेश दिया था। जांच में सामने आया था कि बिना FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के ये जहरीले उत्पाद खुलेआम बेचे जा रहे थे, जो इंसानी सेहत के लिए बहुत खतरनाक हैं।

इसके अलावा हाल ही में राज्य सरकार ने कर्नाटक स्टेट होटल्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कर दिया था कि ग्राहकों की सेहत और खाने की शुद्धता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।