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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कर्नाटक सीएम सिद्दरमैया की मुश्किलें बढ़ी, लोकायुक्त पुलिस ने MUDA घोटाले में दर्ज की FIR

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Published: Fri, 27 Sep 2024 05:24 PM (IST)Updated: Fri, 27 Sep 2024 05:41 PM (IST)

Karnataka MUDA Scam Case कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया MUDA घोटाले मामले में लगातार घिरते नजर आ रहे हैं। अब विशेष ...और पढ़ें

बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने सिद्धारमैया के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस जांच का आदेश दिया था। (File Image)
बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने सिद्धारमैया के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस जांच का आदेश दिया था। (File Image)

HighLights

  1. बेंगलुरु की विशेष अदालत ने सीएम के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस जांच का दिया था आदेश।
  2. वहीं, उच्च न्यायालय ने राज्यपाल की ओर से जांच के आदेश को रखा था बरकरार।

पीटीआई, मैसूर। कर्नाटक में MUDA घोटाले मामले में सीएम सिद्दरमैया की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और अन्य के खिलाफ मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) साइट आवंटन मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है।

एजेंसी के अनुसार बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने बुधवार को मामले में सिद्धारमैया के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस जांच का आदेश दिया था, जिससे उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आधार तैयार हो गया। इससे पहले उच्च न्यायालय ने एक आदेश में राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा सिद्धारमैया के खिलाफ जांच की मंजूरी के फैसले को बरकरार रखा था।

विशेष अदालत ने दिए थे आदेश

राज्यपाल ने MUDA द्वारा सीएम की पत्नी बी एम पार्वती को 14 भूखंडों के अवैध आवंटन के आरोपों की जांच की मंजूरी दी थी। वहीं विशेष न्यायालय ने बुधवार को मैसूर में लोकायुक्त पुलिस को आरटीआई कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा द्वारा दायर शिकायत पर जांच शुरू करने का निर्देश देते हुए आदेश जारी किया था। न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 156 (3) के तहत जांच करने और 24 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश जारी किए।

न्यायालय ने कहा था, 'दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत कार्य करते हुए, क्षेत्राधिकार वाली पुलिस यानी पुलिस अधीक्षक, कर्नाटक लोकायुक्त, मैसूर को मामला दर्ज करने, जांच करने और सीआरपीसी की धारा 173 के तहत आज से 3 महीने की अवधि के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है।'

एफआईआर में पत्नी और साले का भी नाम

पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती, उनके साले मल्लिकार्जुन स्वामी, देवराजू (जिनसे मल्लिकार्जुन स्वामी ने जमीन खरीदकर पार्वती को उपहार में दी थी) और अन्य के नाम एफआईआर में दर्ज हैं।