बस्ती [अतुल सिंह]। कारगिल के युद्ध में पति मुन्ना राम यादव की शहादत के बाद शहीद की पत्नी निर्मला देवी ने प्रण लिया था कि दोनों बेटों को फौजी बनाएंगी। बड़े बेटे को सैनिक बनाने के बाद उन्होंने सारे गांव में मिठाई बांटी। कहा, मैंने अपना एक प्रण पूरा कर लिया। अब वह छोटे बेटे को फौजी बनाने में जुटी हुई हैं।

बस्ती, उप्र के शहीद मुन्ना राम यादव के बड़े सुपुत्र अमित यादव आज सैनिक बन देश की रक्षा कर रहे हैं। बस्ती के मलौली गोसाई गांव निवासी मुन्ना राम यादव गंवई संस्कृति में पले-बढ़े थे और उनके भीतर देश प्रेम का जज्बा कूट-कूट कर भरा था। वह वर्ष 1985 में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। कारगिल युद्ध के दौरान उनकी ड्यूटी पाकिस्तान सीमा पर पेट्रोलिंग में लगी थी। उनकी शहादत की खबर आई तो ऐसा लगा कि परिवार पर वज्रपात हो गया है। पूरे गांव में भी मातम पसर गया था।

निर्मला देवी कहती हैं कि पति की शहादत पर गर्व करते हुए उन्होंने कभी भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने बताया कि उस वक्त उनके तीनों बच्चे छोटे थे। पति की शहीद होने के बाद भी उन्होंने बच्चों के पालन-पोषण में कोई कमी नहीं की। बच्चों को पति की धरोहर मान आगे बढ़ाने का प्रण किया और अच्छी से अच्छी शिक्षा देने की हर संभव कोशिश की। बचपन से ही उनमें देश प्रेम का जज्बा जगाया।

बड़ा बेटा अमित जवान हुआ तो पिता की तरह देश की रक्षा का संकल्प लिया और फौज में भर्ती होने निकल गया। वर्ष 2009 में सेना के इंजीनियरिंग कोर में भर्ती हो गया। अब वह पिता की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। छोटा बेटा सुमित प्रयागराज में बीएससी दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। वह भी फौज में जाना चाहता है। वह दिन मेरे जीवन का सबसे खुशी का दिन होगा, जब वह सैनिक की वर्दी पहनेगा।

Posted By: Amit Singh

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