लखनऊ। मुरादाबाद के कांठ आ रही साध्वी प्राची को शुक्रवार को बिजनौर में निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। कांठ में लाउडस्पीकर लगवाने के लिए चार जुलाई को महापंचायत नहीं होने देने के बाद वह मौन व्रत पर बैठ गई थीं। तब उन्होंने 25 जुलाई को कांठ मंदिर में जलाभिषेक के बाद अपना व्रत तोड़ने की घोषणा की थी।

उल्लेखनीय है कि कल प्रस्तावित कांग्रेस के शांति मार्च और भाजपा के आंदोलन के चलते प्रशासन ने एहतियातन मुरादाबाद और उससे लगे जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद [विहिप] के जलाभिषेक कार्यक्रम भी है। इसके चलते निषेधाज्ञा जारी है। इस मौके पर जलाभिषेक करने जा रही साध्वी प्राची की गिरफ्तारी से माहौल फिर गर्म हो गया है। मुरादाबाद के जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन की तरफ से किसी को प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई है और कांठ में अभी धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी है। ऐसे में अगर कोई कानून तोड़ता है तो हम कार्रवाई करेंगे। ध्यान रहे कि चार जुलाई को कांठ इलाके के अकबरपुर गांव में मंदिर से लाउडस्पीकर उतारने के बाद पुलिस और क्षेत्रीय लोगों में विवाद हो गया था। इसके बाद भाजपा ने इस मुद्दे पर महापंचायत का एलान किया था जिसे प्रशासन ने रोक दिया था। महापंचायत रोके जाने से नाराज विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़क से लेकर रेलवे ट्रैक पर हंगामा किया था।

पढ़े: भड़काऊ भाषण की आरोपी साध्वी प्राची ने किया आत्म समर्पण

कांठ में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में जुटी भाजपा-कांग्रेस

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस