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कनिष्क बमकांड: 41 साल बाद भी अधूरा न्याय, जांच समेट रही कनाडा पुलिस

Published: Tue, 22 Sep 2026 10:34 PM (IST)

कनाडा पुलिस 41 साल पुराने एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम हमले की जांच समेट रही है, क्योंकि उन्हें कोई नया ...और पढ़ें

कनाडा पुलिस एयर इंडिया बम हमले की जांच समेट रही है( फोटो- AI जेनरेटेड)

कनाडा पुलिस एयर इंडिया बम हमले की जांच समेट रही है( फोटो- AI जेनरेटेड)

HighLights

  1. कनाडा पुलिस एयर इंडिया बम हमले की जांच समेट रही है।

  2. 41 साल बाद भी जांच में कोई नया सुराग नहीं मिला।

  3. पीड़ित परिवार अभी भी पूर्ण न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

जागरण ब्यूरो, ओटावा। 41 साल पहले एक विमान आसमान में बम धमाके के साथ बिखरा था और उसके साथ 329 परिवारों की जिंदगी भी हमेशा के लिए बदल गई थी। लेकिन इतने लंबे इंतजार के बाद भी उन परिवारों को उस सवाल का पूरा जवाब नहीं मिल सका कि आखिर इस भयावह आतंकी हमले के पीछे कौन-कौन लोग थे और उन्हें न्याय के कटघरे तक क्यों नहीं पहुंचाया जा सका।

अब कनाडा की रायल कनाडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने संकेत दिया है कि एअर इंडिया की फ्लाइट 182 पर हुए बम हमले की लंबे समय से चल रही जांच को धीरे-धीरे समेटा जा रहा है। पुलिस ने पीड़ितों के स्वजनों को पत्र भेजकर बताया है कि जांचकर्ताओं ने उपलब्ध सभी सुरागों पर काम कर लिया है और फिलहाल आगे बढ़ने के लिए कोई नया सुराग नहीं मिल रहा है।

हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह बंद नहीं हुई है और कोई नई या भरोसेमंद जानकारी सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।‘हम इतने साल से जवाब का इंतजार कर रहे थे’सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 सितंबर को टोरंटो में जांचकर्ताओं और पीड़ित परिवारों के बीच हुई बैठक में यह जानकारी दी गई।

परिवारों के लिए यह सिर्फ एक जांच के धीमे पड़ने की खबर नहीं थी, बल्कि चार दशक से अधिक समय से चले आ रहे इंतजार पर एक और चोट थी।बम धमाके में अपने माता-पिता और बहन को खोने वाले संजय लाज़र ने सीबीसी न्यूज से कहा कि परिवार बैठक में ऐसी बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे। उनके मुताबिक, जांचकर्ताओं ने बताया कि अब उनके पास आगे बढ़ने के लिए कोई नया सुराग नहीं है और मामले में शामिल अहम लोगों की पहचान तक पहुंचने का रास्ता फिलहाल नजर नहीं आ रहा।

उनकी यह पीड़ा उन सैकड़ों परिवारों की भावनाओं को सामने लाती है, जिन्होंने 23 जून 1985 की उस सुबह के बाद से अपने प्रियजनों को खोने का दर्द तो झेला, लेकिन घटना के पीछे मौजूद सभी लोगों को सजा मिलते हुए नहीं देख पाए।क्या था कनिष्क बमकांड23 जून 1985 को एअर इंडिया की फ्लाइट 182 टोरंटो से मुंबई के लिए रवाना हुई थी।

विमान को मोंट्रियल, लंदन और नई दिल्ली में भी उतरना था। लेकिन अटलांटिक महासागर के ऊपर विमान में रखा एक सूटकेस बम फट गया। विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर कनाडा और भारत के नागरिक थे।

41 साल में सिर्फ एक दोषी को सजाइतनी बड़ी आतंकी वारदात के बावजूद मामले में केवल एक व्यक्ति को दोषी ठहराया जा सका। बम बनाने वाले इंदरजीत सिंह रेयत को 30 साल की सजा सुनाई गई थी। वह 2016 में सजा पूरी करने के बाद जेल से बाहर आया।

दो अन्य आरोपितों को 2005 में बरी कर दिया गया था। इनमें से रिपुदमन सिंह मलिक की 2022 में गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक अन्य संदिग्ध की 1992 में भारत में हत्या कर दी गई थी।

न्यूज एजेंसी ANI के इनपुट के अनुसार