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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kamlesh Tiwari Murder: रशीद खान ने ही की थी हत्या करने वाले को 51 लाख रुपये देने की घोषणा

By Arun Kumar SinghEdited By:
Published: Sat, 19 Oct 2019 10:10 PM (IST)Updated: Mon, 21 Oct 2019 03:53 PM (IST)

2015 में बदला लेने के लिए रशीद खान ने कमलेश तिवारी की हत्‍या करने वाले को 51 लाख रुपए के इनाम की भी घोषणा की थी।

Kamlesh Tiwari Murder: रशीद खान ने ही की थी हत्या करने वाले को 51 लाख रुपये देने की घोषणा
Kamlesh Tiwari Murder: रशीद खान ने ही की थी हत्या करने वाले को 51 लाख रुपये देने की घोषणा

अहमदाबाद, राज्‍य ब्‍यूरो। सूरत में खरीदी गई मिठाई के बिल पर लिखा मोबाइल नंबर लखनऊ के हिंदू नेता की हत्‍या में शामिल आरोप‍ियों तक पहुंचने में अहम कड़ी साबित हुआ। एटीएस व क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार मध्‍य रात्रि फि‍ल्‍मी स्‍टाइल से लिंबायत इलाके से तीन आरोपियों को धर दबोचा, जबकि दो फरार हैं। रशीद ने ही तिवारी की हत्‍या करने वाले को 51 लाख रुपये देने की घोषणा की थी।

सूरत से दबोचे गए तीनों आरोपी

लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्‍यक्ष कमलेश तिवारी की हत्‍या की साजिश में शामिल 3 युवकों मौलाना रशीद अहमद खान, उसके भाई सईद खान और फैजान पठाण को अहमदाबाद टेरेरिस्‍ट स्‍क्‍वॉड व अपराध शाखा की टीम ने सूरत में धर दबोचा। तीनों को अहमदाबाद लाया गया है। मिठाई के बिल पर लिखे फोन नंबर के आधार पर पुलिस इन तक पहुंची। मिठाई बुधवार को खरीदी गई थी। पूछताछ के बाद आरोपियों को यूपी पुलिस के सुपूर्द किया जाएगा। तीनों युवक मध्‍यम वर्ग परिवार से हैं, उनके पिता खुर्शीद अहमद का कहना है कि उनके बेटे निर्दोष हैं। लखनऊ में हत्‍या हुई, उनके बच्‍चे घर पर सो रहे थे लेकिन पुलिस ने उनको पकड़ लिया। उनका यह भी कहना है कि इस मामले में फरार अशफाक जो मेउिकल रिप्रजेंटेटिव का काम करता है, उसके साथ भूल से चंडीगढ़ गया था। फरीद खान नामक आरोपी भी फरार बताया जा रहा है।

मोबाइल नंबर से फैजान तक पहुंची क्राइम ब्रांच

हत्‍याकांड की प्राथमिक जांच में घटनास्‍थल से बरामद सूरत के धरती नमकीन एंड स्‍वीट का डिब्‍बा अहम कड़ी रहा, सूरत क्राइम ब्रांच ने दुकान से सीसीटीवी फुटेज बरामद किए। इसके बिल पर लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस देर रात फैजान तक पहुंची। वहीं से बाकी दो आरोपी रदीश और सईद को फोन कर वहां बुलाया गया तथा उन्‍हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया। गुजरात पुलिस ने इन तीनों को आईपीसी की धारा 120 बी हत्‍या की साजिश रचने का आरोपी बताया है।

रशीद ने 2015 में 51 लाख रुपये इनाम की थी घोषणा 

रशीद खान सूरत के लिंबायत इलाके की ग्रीन व्‍यू सोसायटी में रहता है, वह दर्जी की दुकान चलाता है तथा कंप्‍यूटर का भी जानकार है। 2015 में कमलेश तिवारी ने हजरत पैगंबर को लेकर एक बयान दिया था। माना जा रहा है कि बदला लेने के लिए ही यह हत्‍या की गई, रशीद खान ने तब कमलेश की हत्‍या करने वाले को 51 लाख रु के इनाम की भी घोषणा की थी।

सईद की दो नवंबर को होनी है शादी

सईद खान भी लिंबायत के ग्रीन व्‍यू सोसायटी में ही रहता है, वह रशीद का भाई है और जूते चप्‍पल की दुकान पर काम करता है। सईद की आगामी दो नवंबर को शादी होने वाली थी, पिता खुर्शीद अहमद ने बताया कि शादी के कार्ड बांटे जा चुके हैं तथा घर में जोर-शोर से शादी की तैयारियां भी की जा रही थी, लेकिन अब वह हत्‍या जैसे मामले में पकड़ लिया गया है।

फैजान पठाण सूरत के लिंबायत इलाके में ही जिलानी पार्क में रहता है तथा साड़ की दुकान पर काम करता है। क्राइम ब्रांच ने सबसे पहले उसे ही पकड़ा तथा उससे ही फोन कराकर दो अन्‍य आरोपियों को उसके घर बुलाकर दबोच लिया।

मुख्‍य सूत्रधार के बारे में जानकारी की जा रही इकट्ठा

कमलेश तिवारी हत्‍याकांड के मुख्‍य सूत्रधार रशीद खान दुबई में कराची की एक कंपनी में कंप्‍यूटर ऑपरेटर का काम करता था। वह 2017 में दुबई गया था तथा तीन माह पहले ही सूरत लौटा था। काफी समय से वह पोरबंदर के किसी व्‍यक्ति के संपर्क में था लेकिन किसी आतंकी या कट्टरवादी संगठन से इनके संपर्क की जानकारी सामने नहीं आई है।

सूत्र बताते हैं कि उद्योगकर्मी सुपरफास्‍ट ट्रेन 12943 जो वलसाड से कानपुर के बीच चलती है, से रशीद अपने एक साथी के साथ यूपी पहुंचा। बताया जा रहा है कि मिठाई का डिब्‍बा वह अपने साथ ले गया था। वह कानपुर ही रहा या लखनऊ भी गया उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, साथ ही वे वापस सूरत ट्रेन से लौटे या हवाई जहाज से इसका पता नहीं चल पाया है।