राज्‍य ब्‍यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के एक फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है। सरकार ने दूध पार्लर पर कड़कनाथ (मुर्गे की एक प्रजाति) का मांस बेचने का फैसला किया है। प्रायोगिक तौर पर भोपाल के वैशाली नगर क्षेत्र में यह योजना शुरू की गई है। सफल रहा तो पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इधर, भाजपा ने दूध के साथ चिकन बेचने पर आपत्ति जताई है।

दूध के पार्लर पर बिकेगा कड़कनाथ मुर्गे का मांस 
प्रदेश के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने बताया कि राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम ने बढ़ती मांग को देखते हुए भोपाल के वैशाली नगर क्षेत्र में दूध के पार्लर पर कड़कनाथ मुर्गे का मांस बेचने की योजना शुरू की है। निगम का यहां कार्यालय है। वर्तमान में कड़कनाथ का मांस 900 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। भाजपा की आपत्तियों पर उन्होंने कहा कि दोनों चीजें बेचने के लिए पार्लर के भीतर अलग-अलग केबिन बनाए जाएंगे।

भाजपा ने जताया एतराज 
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सरकार ऐसा कर हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। हिंदू धर्म में पूजा पाठ और कर्मकांड में दूध का विशेष महत्व है। चिकन पार्लर से गाय के दूध के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया जाए। सरकार दोनों के लिए अलग अलग पार्लर स्थापित करे।

क्यों खास है कड़कनाथ चिकन
कड़कनाथ मुर्गा झाबुआ जिले में पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके मांस में आयरन एवं प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है, जबकि कॉलेस्ट्राल की मात्रा अन्य प्रजाति के मुर्गो से काफी कम पाई जाती है। इसी कारण इसकी कीमत अन्य प्रजातियों के मुर्गो से काफी अधिक होती है।

Posted By: Arun Kumar Singh

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