नई दिल्ली, एजेंसियां। आइएसआइएस-के ने प्रचार सामग्री में दावा किया है कि काबुल हवाई अड्डे पर आत्मघाती हमला करने वाला भारत में हमला करना चाहता था। लेकिन उसे पांच साल पहले दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया था। समाचार एजेंसी आइएएनएस के अनुसार सलीम महसूद ने एक ट्वीट में कहा, आइएसआइएस-के ने अपनी प्रचार पत्रिका वायस आफ हिंद के 20वें संस्करण में आत्मघाती हमलावर अब्दुर रहमान लोगारी का दावा प्रकाशित किया, जिसने 26 अगस्त को काबुल हवाई अड्डे पर हमला किया था। कश्मीर का बदला लेने के लिए उसने भारत की यात्रा की, मगर पांच साल पहले दिल्ली में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और अफगानिस्तान भेज दिया गया था।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी हवाईअड्डे के गेट पर हुए आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 170 अफगानी और 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे और करीब 200 लोग घायल हो गए थे। पीड़ितों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। इस्लामिक स्टेट के स्थानीय सहयोगी इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।

तालिबान पर हमले में तीन की मौत, 21 घायल

अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत स्थित जलालाबाद में तालिबानी लड़ाकों को निशाना बनाकर किए गए सिलसिलेवार तीन धमाकों में तीन की मौत हो गई, जबकि 21 घायल हो गए। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार देश की सत्ता पर कब्जे के बाद नंगरहार में तालिबान पर हमले की यह पहली घटना है। द खामा प्रेस न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जलालाबाद स्थित प्रांतीय अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से दो की मौत हो गई। एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार तीन पीडि़त आम नागरिक थे, जबकि बाकी तालिबानी लड़ाके थे। समाचार लिखे जाने तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। उधर, काबुल के पश्चिम में हुए एक धमाके में तीन लोग घायल हो गए।

Edited By: Tanisk