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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Republic Day: राजभवन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए केसीआर, जानिए इसकी असल वजह?

By AgencyEdited By: Anurag Gupta
Published: Thu, 26 Jan 2023 03:16 PM (IST)

मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने राजभवन प्रांगण में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत नहीं की। इससे इतर उन्होंने अपने ...और पढ़ें

राजभवन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए केसीआर (फोटो: @TelanganaCMO)
राजभवन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए केसीआर (फोटो: @TelanganaCMO)

हैदराबाद, एजेंसी। देशभर में बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इसी बीच तेलंगाना में राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) के बीच में रार देखने को मिली। ऐसे में मुख्यमंत्री केसीआर राजभवन प्रांगण में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए। बता दें कि राज्यपाल ने राजभवन प्रांगण में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान राज्यपाल को तेलंगाना राज्य विशेष पुलिस ने सलामी दी।

समारोह में तीन पलटनों ने लिया हिस्सा

मुख्यमंत्री केसीआर ने कार्यक्रम में शिरकत नहीं की। इससे इतर उन्होंने अपने आधिकारिक निवास प्रगति भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राजभवन प्रांगण में आयोजित परेड में तीन पलटनों ने हिस्सा लिया। इस समारोह में मुख्य सचिव शांति कुमारी, पुलिस महानिदेशक अंजनी कुमार भी मौजूद रहे। लगातार दूसरे साल राजभवन में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया।

क्या है हाई कोर्ट का फैसला ?

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार उचित तरीके से समारोह का आयोजन करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि समारोह के हिस्से के रूप में एक औपचारिक परेड होनी चाहिए, लेकिन आयोजन स्थल का चुनाव सरकार पर छोड़ दिया।

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याचिकाकर्ता ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान वह अपने परिवार के साथ परेड ग्राउंड जाता था। ताकि युवा मन के भीतर देशभक्ति की भावना पैदा हो। उन्होंने कहा कि साल 2020 से पहले समारोह का आयोजन सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में होता था। इस दौरान मार्च पास्ट, परेड, स्कूली बच्चों की झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे। लेकिन मुख्यमंत्री के आदेश के बाद स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और राज्य स्थापना दिवस समारोह का स्थान परिवर्तित कर दिया गया, ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो। बता दें कि केसीआर ने स्वतंत्रता दिवस परेड के स्थान को परेड ग्राउंड से ऐतिहासिक गोलकोंडा किले में स्थानांतरित कर दिया था।

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