नई दिल्ली, एजेंसी। हवाई यात्रा के दौरान कभी ऐसा होता है कि आप गतंव्य तक तो पहुंच जाते हैं, लेकिन आपका सामान कहां है यह पता नहीं चल पाता। ऐसे में समझ में ही नहीं आता है कि क्या किया जाए। हो सकता है कि आपका सामान दूसरे हवाई अड्डे पर पहुंच गया हो। इस स्थिति में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है। इसी से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें एक कॉलेज छात्रा को इंडिगो विमान के कारण पेरशानी का सामना करना पड़ा।

अनुष्का नाम की इस छात्रा ने ट्विटर पर अपनी पेरशानी शेयर की। उन्होंने बताया कि इंडिगो के विमान की लेट-लतीफी के चलते उन्हें 4 अलग- अलग एयरपोर्ट तक सफर करना पड़ा। जिस वजह से उनका सामान उन्हें नहीं मिल पाया। छात्रा की शिकायत पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मे संज्ञान लिया और छात्रा को राहत मिली।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया- आपका सामान हॉस्टल पहुंच गया है

छात्रा की शिकायत के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसका संज्ञान लिया और छात्रा अनुष्का का सामान कुछ ही समय में उसके हास्टल गेट तक पहुंच गया। अंत में सामान मिलने के बाद छात्रा ने राहत की सांस ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ट्वीट किया कि आपका सामान आपको हॉस्टल के गेट के पास पहुंचा दिया गया है। ख्याल रखिए।

जानें- क्या है मामला

अनुष्का नामक ट्विटर यूजर ने 3 जुलाई यानी रविवार को सिलसिलेवार तरीके से दो ट्वीट किए, जिसमें उन्होंने इंडिगो के साथ हवाई सफर के दौरान अपनी परेशानी साझा की। अनुष्का ने बताया कि इंडिगो के विमान इंडिगो 6E के साथ मेरा बड़ा भयानक अनुभव रहा। उनके अक्षमता और देरी के चलते मुझे अपने गंत्व्य तक पहुंचने के लिए 24 घंटे के अंदर 4 अलग-अलग एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ा। छात्रा ने आगे कहा कि जब मैं पहुंची तो मैंने पाया कि मुझे मेरा चेक-इन लगेज अभी तक नहीं मिला है।

छात्रा अनुष्का ने आगे बताया कि जब उन्होंने इसकी शिकायत तो उन्हें अगले दिन एयरपोर्ट आने को कहा गया। उन्होंने इससे तंग आकर इंडिगो से सवाल किए। उन्होंने इस दौरान मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान होने पर अपना गुस्सा भी जाहिर किया। अनुष्का ने बताया कि उनका कॉलेज शहर के बाहर है और उन्हें वहां से एयरपोर्ट पहुंचने के लिए 700 से 800 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने इसके अलावा कभी भी इस विमान में सफर न करने का भी फैसला किया है।

Edited By: Sanjeev Tiwari