नई दिल्ली (पीटीआई)। कलकत्ता हाई कोर्ट के जज सीएस कर्नन का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति पास नया आवेदन दिया गया है। इसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा जस्टिस कर्नन को कोर्ट की अवमानना के आरोप में दी गई छह महीने की सजा पर रोक लगाने की मांग की गई है।

वकील मैथ्यूज जे. नेदुम्परा ने कहा कि उन्होंने कर्नन का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य वकील और उनके बेटे सीएस सुगन के साथ राष्ट्रपति के सचिव अशोक मेहता से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत सजा पर रोक लगाने के लिए आवेदन सौंपा। राष्ट्रपति से व्यक्तिगत तौर पर कर्नन की बात सुनने का भी आग्रह किया गया।

वकीलों ने आवेदन में यह भी कहा कि गिरफ्तार होने पर कर्नन कोई भी उपाय करने में असमर्थ हो जाएंगे। इसीलिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की गई है। आवेदन में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अधिकार क्षेत्र के बिना कार्य किया। अनुच्छेद 72 के मुताबिक, राष्ट्रपति को क्षमा, राहत, सजा कम करने या बदलने का अधिकार है। इससे पहले नेदुम्परा ने दावा किया था कि बचाव पक्ष ने ऐसा ही आवेदन ई-मेल के जरिये राष्ट्रपति को भेजा था। हालांकि राष्ट्रपति कार्यालय ऐसा आवेदन मिलने से इन्कार किया था।

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By Kishor Joshi