मुंबई, प्रेट्र : सहारा समूह की सुपर लग्जरी टाउनशिप एम्बी वैली की बोली लगाने में अब तक केवल दो ही खरीदारों ने दिलचस्पी दिखाई है। इस प्रॉपर्टी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नीलाम किया जाना है। इसकी रिजर्व कीमत 37,392 करोड़ रुपये तय की गई है। एम्बी वैली की नीलामी की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट और उसकी तरफ से नियुक्त समिति की सख्त निगरानी में चलाई जा रही है।

अब तक बोली में रुचि दिखाने वालों को लेकर आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं आया है। हालांकि, नाम नहीं बताने की शर्त पर अधिकारियों ने कहा कि दो खरीदारों ने दिलचस्पी दिखाई है। शुरुआती नीलामी प्रक्रिया के तहत अपने केवाईसी (अपने ग्राहक को जानिए) दस्तावेज जमा कराए हैं। प्रक्रिया गोपनीय होने के चलते अधिकारियों ने केवाईसी जमा कराने वाले खरीदारों की विस्तृत जानकारी नहीं दी। माना जा रहा है कि बोली के लिए संपर्क करने वालों में दो अलग-अलग कंसोर्टियम के प्रतिनिधि शामिल हैं। रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का भी मानना है कि सहारा की इतनी बड़ी प्रॉपर्टी अकेले खरीदना आसान नहीं है। ऐसे में कंसोर्टियम बनाकर ही इसे खरीदने का प्रयास किया जा सकता है। माना जाता है कि महाराष्ट्र स्थिति सहारा की इस प्रॉपर्टी में कई हाई प्रोफाइल सेलिब्रिटी ने निवेश कर रखा है। जानकारों का कहना है कि इस समय रियल एस्टेट सेक्टर धन की तंगी से गुजर रहा है। ऊपर से बैंकों से लोन लेना भी आसान नहीं है। ऐसे में उम्मीद है कि जापान या चीन के खरीदार इसमें रुचि दिखा सकते हैं। भारत में कुछ ऐसे बड़े बिजनेस हाउस हैं जो आसानी से इसे खरीद सकते हैं, लेकिन उनका दूर-दूर तक रियल एस्टेट के कारोबार से नाता नहीं है।

मुंबई हाई कोर्ट के आधिकारिक लिक्विडेटर ने इस प्रॉपर्टी को 'अल्ट्रा एक्सक्लूसिव चार्टर्ड सिटी' बताया है। इसमें तमाम सुविधाओं के साथ मॉर्डन विला, गोल्फ कोर्स, अस्पताल, स्कूल और एयरपोर्ट भी हैं। लिक्विडेटर ने पिछले महीने विज्ञापन निकाल कर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की थी। इस विज्ञापन के अनुसार पुणे के लोनावाला में यह हिल सिटी टाउनशिप 6,761.6 एकड़ में फैली है। इसके अलावा आसपास करीब 1700 एकड़ जमीन और भी है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित समयसीमा के अनुसार, बोलीदाताओं को नौ सितंबर तक केवाईसी देना था।

सहारा का कहना है कि इस टाउनशिप का बाजार मूल्य एक लाख करोड़ रुपये है। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि लिक्विडेटर ने अभी नीलामी की प्रक्रिया के दो ही चरण पूरे किए हैं। पहला है विज्ञापन देना और दूसरा इच्छुक खरीदारों का केवाईसी दस्तावेज लेना। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले अगर कंपनी 1,500 करोड़ रुपये जमा करा देगी, तो इस टाउनशिप की बिक्री रोक दी जाएगी। सहारा समूह की दो कंपनियों ने अवैध तरीके से निवेशकों से 24 हजार करोड़ रुपये जुटाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इसी पैसे को ब्याज सहित निवेशकों को लौटाने का आदेश दिया है। सहारा समूह से पैसे की वसूली और निवेशकों तक उसे पहुंचाने की प्रक्रिया बाजार नियामक सेबी पूरा कर रहा है।

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By Gunateet Ojha