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'100 बार झूठ बोलने से सच नहीं बदलता', जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर पलटवार

Published: Mon, 28 Sep 2026 01:10 PM (IST)

चुनाव आयोग विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है।

JP नड्डा ने राहुल गांधी और विपक्ष पर बोला तीखा हमला(फाइल फोटो)

JP नड्डा ने राहुल गांधी और विपक्ष पर बोला तीखा हमला(फाइल फोटो)

HighLights

  1. जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।

  2. खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

  3. चुनाव आयोग ने मतदाता सूची एसआईआर पर आरोपों को खारिज किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मतदाता सूची के एसआईआर और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर जमकर निशाना साधा। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी ध्यान से सुनें, किसी झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता। सच को हराया नहीं जा सकता।

नड्डा ने राहुल गांधी के अलावा अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी पर देश की स्वायत्त और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम व कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष टूलकिट मानसिकता के साथ काम कर रहा है, जिसका मकसद केवल आरोप लगाना, माहौल खराब करना और भाग जाना है।

विपक्ष पर देश में भ्रम फैलाने का आरोप

नड्डा ने कहा कि आज जब 140 करोड़ नागरिक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं, तब विपक्षी इंडी गठबंधन हताश और निराश है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीति और विजन के अभाव में विपक्ष देश में अराजकता और भ्रम की स्थिति पैदा करने के नए-नए हथकंडे अपना रहा है।

चुनाव आयोग द्वारा सभी तथ्यों को स्पष्ट करने के बाद भी माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता जनता की सेवा का जरिया है, जबकि विपक्ष केवल परिवारवाद और निजी स्वार्थ के लिए सत्ता चाहता है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांगा मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा

दूसरी तरफ, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा की विचारधारा को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। खड़गे ने दावा किया कि केरल के पूर्व मुख्य सचिव तक ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे चुनाव लड़ने को कहा था।

खड़गे ने कहा कि शीर्ष पद पर बैठा व्यक्ति भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहा है और यदि उनमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई है, क्योंकि यह मामला लोकतंत्र और देश के अस्तित्व से जुड़ा है।

यह पूरा राजनीतिक विवाद चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर शुरू हुआ। राहुल गांधी ने हालिया चुनावों में धांधली के आरोप लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त पर चुनावों में मैच-फिक्सिंग का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

विपक्षी दलों ने एक मीडिया रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR और अन्य चुनावी मुद्दों पर कई बार सवाल उठाए थे।

चुनाव आयोग की सफाई

विवादों के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया के ड्राफ्ट स्तर पर सुझाव या सवाल उठाना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने इस बात को खारिज किया कि ये मतभेद अंतिम फैसलों के खिलाफ कोई आंतरिक विरोध थे। चुनाव आयोग के अनुसार, SIR सहित सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति और मंजूरी से ही लिए गए हैं।

कांग्रेस, टीएमसी, सीपीआई, सीपीएम और शिवसेना (यूबीटी) सहित कई विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम और चुनाव आयोग के कामकाज पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 30 सितंबर को इंडी गठबंधन की बैठक होने की संभावना है।