जोधपुर (जेएनएन)। नाबालिग से दुष्‍कर्म मामले में अंतत: जोधपुर कोर्ट ने बुधवार को आसाराम समेत सभी चार आरोपियों को दोषी करार दिया। जोधपुर कोर्ट ने अासाराम को उम्र कैद की सजा और सह आरोपियों को 20-20 साल के कैद की सजा सुनायी है। इससे पहले पीड़ित ने कोर्ट में मुआवजे की अर्जी दी और पीड़िता के पिता ने आसाराम के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी।

इससे पहले जोधपुर के कलेक्टर ने जब आसाराम से फैसले को लेकर पूछा था कि ‘फैसले के बारे में क्या सोच रहे हो बापू, तो आसाराम ने कहा 'होई है वहीं जो राम रचि राखा।' बता दें कि फैसले के लिए जेल में ही कोर्ट रूम बनाया गया था।

लागू है धारा 144, जेल में कोर्ट

आसाराम के समर्थकों ने शांति बनाए रखने का दावा किया था लेकिन राजस्थान पुलिस को आशंका थी कि फैसले के दिन कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, इसलिए पहले से ही जोधपुर में धारा 144 लगा दी गई और जेल के अंदर ही फैसला सुनाया गया।

होई है वही जो राम रचि राखा

जोधपुर के जिला कलेक्टर रविकुमार सुरपुर व पुलिस उपायुक्त अमनदीप सिंह सेंट्रल जेल में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान कलेक्टर ने पूछा कि फैसले को लेकर क्या सोच रहे हो तो इस पर आसाराम ने कहा ‘होई है वही जो राम रचि राखा।'

अहिंसा में यकीन

आसाराम ने कहा, ‘कोर्ट का जो भी फैसला होगा वो उन्हें मंजूर होगा।‘ उन्होंने कहा कि वो और उनके समर्थक गांधीवादी विचारधारा के हैं और अहिंसा में यकीन रखते हैं। वहीं जेल प्रशासन की मानें तो आसाराम के चेहरे पर फैसले को लेकर कोई शिकन नहीं है। हां, उत्सुकता जरूर है।

किले में तबदील जोधपुर, चप्‍पे–चप्‍पे 0पर पुलिस तैनात

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय से पुलिस बल की छह कंपनियां भेजी गई। जोधपुर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। होटलों और धर्मशालाओं की सघन जांच हुई। आसाराम के आश्रम को खाली करा लिया गया और पूरी जांच के बाद ही निजी वाहनों और बसों को जोधपुर में प्रवेश दिया जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर भी कड़ी जांच की जा रही है।

दिल्ली से राजस्थान तक अलर्ट

दिल्ली से राजस्थान तक फैसले के बाद कोई अव्यवस्था नहीं फैले इसके लिए दोनों राज्यों की सरकारों ने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। दिल्ली पुलिस के अधिकारी यूपी और हरियाणा पुलिस से भी संपर्क बनाए हुए हैं। पुलिस लोकल इंटेलिजेंस के जरिए आसाराम के आश्रमों और उनके समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखने का दावा कर रही है।

पीड़िता के घर की सुरक्षा बढ़ी

आसाराम के समर्थकों व पुलिस के बीच कई बार झड़पें हुई हैं। आसाराम अगर दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें अधिकतम 10 साल कारावास की सजा भुगतनी पड़ सकती है। वहीं, यूपी में भी पीड़िता के घर के आसपास सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता के परिजनों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारी परिवार वालों के संपर्क में हैं। पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी न्यायपालिका में पूरी आस्था है और उन्हें इस बात का यकीन है कि न्याय जरूर मिलेगा। इस महीने की शुरुआत में जोधपुर की विशेष अदालत में न्यायमूर्ति मधुसूदन शर्मा ने अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों की अंतिम बहस सुनी और आदेश 25 अप्रैल के लिए सुरक्षित कर दिया था।

यौन उत्पीड़न का है आरोप

यूपी के शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की द्वारा कथित तौर पर आसाराम पर जोधपुर स्थित अपने आश्रम में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए गए थे। आश्रम में जिस समय पीड़िता रह रही थी तब वह 16 साल की थी। दिल्ली के कमला मार्केट थाने में यह मामला दर्ज कराया गया था और उसके बाद जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया। उन पर पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के तहत कानून की धाराएं लगाई गई हैं। आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया था और तब से वह जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।

Posted By: Monika Minal