नई दिल्ली, जेएनएन। काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को पांच साल की सजा मिली है और फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं। इधर शुक्रवार को उन्होंने जोधपुर की जिला एवं सेशन कोर्ट में हर बार विदेश जाने की अनुमति मांगने को लेकर एक याचिका दायर की थी। शनिवार को इस याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि उन्हें जब भी विदेश जाना हो, कोर्ट से इजाजत लेकर ही जाना पड़ेगा।

सलमान खान के वकील ने शुक्रवार 3 अगस्त को कोर्ट में अर्जी लगायी थी। इस अर्जी में उन्होंने सलमान खान को हर बार विदेश जाने से पहले कोर्ट से इजाजत लेने में छूट की मांग की थी। यह याचिका जिला एवं सेशन कोर्ट जज चंद्र कुमा सोनगरा की अदालत में लगायी गई थी।

पिछले तीन दिन से कांकाणी गांव में काले हिरणों के शिकार के आरोप में पांच साल की सजा के खिलाफ सलमान की याचिका पर बहस चल रही है। आर्म्स एक्ट केस में सलमान को बरी किए जाने पर राज्य सरकार की अपील पर भी सुनवाई हो रही है। इन दोनों मामलों में ही पहले हुई सुनवाई में सलमान कोर्ट नहीं पहुंचे थे। ऐसे में उनकी ओर से हाजरी माफी का आवेदन भी पेश किया गया था। पिछली सुनवाई में सलमान की ओर से सजा के खिलाफ उनके अधिवक्ता महेश बोड़ा ने बहस शुरू की थी।

उन्होंने कोर्ट में बहस करते हुए कहा था कि घोड़ा फार्म और भवाद हिरण शिकार मामले में अधीनस्त न्यायालय द्वारा एक और 5 साल की दी गई सजा के बाद हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था। हाईकोर्ट के इसी फैसले की नजीर पेश करते हुए बोड़ा ने सलमान पर लगे आरापों को मनगढ़ंत और षड़यंत्रपूर्वक फंसाना बताया। कांकाणी हिरण शिकार मामले में सलमान खान को हुई 5 साल की सजा के खिलाफ 17 जुलाई को सुनवाई हुई थी।

जिला एवं सेशन न्यायालय जोधपुर जिला चंद्र कुमार सोनगरा की कोर्ट में सुनवाई के दौरान सलमान के वकील महेश बोड़ा ने सजा सुनाए जाने के खिलाफ अपील पर बहस करते हुए कहा कि हाईकोर्ट से सलमान को बरी किए जाने के आदेश के आधारों को क्यों ध्यान में नहीं रखा गया।

Posted By: Digpal Singh