जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बोइंग 737 मैक्स विमानों के सेंसर की खामियों को गंभीरता से लेते हुए डीजीसीए ने इनका इस्तेमाल कर रही दोनों भारतीय एयरलाइन कंपनियों जेट एयरवेज और स्पाइसजेट व उनके पायलटों से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है। पिछले महीने इंडोनेशिया के समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ लॉयन एयर का विमान बोइंग 737 मैक्स ही था। इस हादसे में चालक दल के सदस्यों समेत 280 यात्रियों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद बोइंग ने बयान जारी कर इन विमानों में तकनीकी समस्या को स्वीकार किया था और इन्हें उड़ाने के लिए कुछ एहतियाती उपाय करने के बारे में दिशानिर्देश जारी किए थे।

इसके बाद अमेरिकी विमानन नियामक एफएए ने भी एयरलाइन कंपनियों से विमानों के संचालन के तौर-तरीकों को लेकर आगाह किया था। भारत में फिलहाल जेट एयरवेज और स्पाइसजेट के पास बोइंग 737 मैक्स श्रेणी के विमान के विमान हैं। डीजीसीए के एक अधिकारी के अनुसार, 'बोइंग तथा एफएए दोनों ने बोइंग 737 मैक्स विमानों के हाई एंगल ऑफ अटैक (एओए) सेंसर से प्राप्त सूचनाओं में खामी की बात कही है। इस बारे में सुधारात्मक उपाय करने की ताकीद की है।

सेंसर की गलत सूचनाओं की वजह से विमान का अगला हिस्सा आकाश में बार-बार आगे की ओर झुक सकता है जिससे विमान अचानक अपनी ऊंचाई खोकर नीचे आ सकता है। अगर इस स्थिति को दुरुस्त नहीं किया गया तो चालक दल के लिए विमान पर नियंत्रण रख पाना कठिन होगा। इससे नोज नीचे झुकने से विमान अचानक ऊंचाई खोकर काफी नीचे, यहां तक कि जमीन पर आ सकता है।

गौरतलब है कि लॉयन एयर हादसे की प्रारंभिक जांच के आधार पर एफएए ने सात नवंबर को एयरलाइन कंपनियों के लिए एयरवर्दीनेस डायरेक्टिव जारी किए थे। इनमें एयरलाइनों से मैक्स विमानों के फ्लाइट मैन्युअल में परिवर्तन करने और पायलटों व चालक दल के सदस्यों द्वारा उनका पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। डीजीसीए सुनिश्चित करना चाहता है कि जेट एयरवेज और स्पाइसजेट इन डायरेक्टिव के पालन की दिशा में उचित कदम उठाएं।

लॉयन एयर दुर्घटना के बाद विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने डीजीसीए से सभी एयरलाइनों की विमानन सुरक्षा की पड़ताल करने और मैक्स विमानों से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को लेकर एहतियाती कदम उठाने के निर्देश देने को कहा था। तबसे डीजीसीए जेट एयरवेज और स्पाइसजेट के सभी आठों बोइंग 737 मैक्स विमानों की जांच कर चुका है।

जेट एयरवेज के पास फिलहाल पांच बोइंग 737 मैक्स-8 विमान हैं। जबकि 145 और विमानों की खरीद का आर्डर दे रखा है। इसके अलावा उसने 75 बोइंग 737 मैक्स-9 विमानों का सौदा भी कर रखा है। दूसरी ओर स्पाइसजेट के पास तीन बोइंग 737 मैक्स-8 विमान हैं और उसने 152 विमान और खरीदने का सौदा किया हुआ है। ध्यान रहे कि कुछ महीने पहले नियो विमान में पैट एंड व्हिटनी इंजन को लेकर बड़ी शिकायतें आई थी और उसके बाद उसकी उड़ान पर पाबंदी लगा दी गई थी।

Posted By: Ravindra Pratap Sing