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ईरान से सीधे बात करना चाहता है अमेरिका, जेडी वेंस ने कट्टरपंथी नेता मोहसेन रेजाई को लिखा पत्र

Published: Thu, 29 Oct 2026 07:54 PM (IST)

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शांति वार्ता की पहल की है। उन्होंने ...और पढ़ें

अमेरिका ईरान से सीधी करना चाहता है।

अमेरिका ईरान से सीधी करना चाहता है।

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शांति वार्ता फिर शुरू करने की पहल की है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी और बातचीत की जानकारी रखने वाले ईरानी अधिकारी के मुताबिक, वेंस ने पिछले हफ्ते कतर के मध्यस्थों के जरिए ईरान के प्रभावशाली कट्टरपंथी नेता मोहसेन रेजाई को पत्र भेजा। इसमें दोनों देशों के अधिकारियों के बीच जल्द सीधी बातचीत शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है।

वेंस ने खुद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की इच्छा जताई है। रेजाई ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व प्रमुख हैं। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, वेंस ने उनसे इसलिए संपर्क किया, क्योंकि अमेरिकी प्रशासन ईरान के कट्टरपंथी धड़े और रिवोल्यूशनरी गार्ड पर प्रभाव रखने वाले नेता से सीधे बात करना चाहता है।

रेजाई ईरान के सर्वाधिक प्रभावशाली नेता हैं। रेजाई को अगस्त में ईरान के नए सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला मुजतबा खमेनेई द्वारा इस पद पर नियुक्त किया गया था। पिछले हफ्ते रेजाई ने कहा था कि जब तक तेहरान की बुनियादी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वह वाशिंगटन के साथ बातचीत नहीं करेगा।

ईरानी मीडिया के अनुसार, हाल ही में उनकी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के साथ मुलाकात हुई थी। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे ईरान द्वारा वाशिंगटन को प्रस्तावित सात-दिवसीय योजना का पालन करते हुए देश को 'न युद्ध, न शांति' वाली मौजूदा अनिश्चितता की स्थिति से बाहर निकालें।पत्र भेजने से पहले राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इसे मंजूरी दी थी। हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि पत्र में ईरान को चिकित्सा आपूर्ति से संबंधित संदेश भेजा गया है।

एपी के अनुसार, ट्रंप ने पत्रकारों के एक सवाल पर कहा कि ईरान को चिकित्सा आपूर्ति की जरूरत है। वह बीमार लोगों के लिए जरूरी सामान मंगा रहा है। ईरानी अधिकारी के मुताबिक, ईरान के कई नेताओं ने इस प्रस्ताव का सकारात्मक स्वागत किया है। रेजाई की ओर से गुरुवार तक औपचारिक जवाब दिए जाने की उम्मीद है। बातचीत के लिए किसी तारीख या स्थान का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन कतर या तुर्की में अगले हफ्ते बैठक हो सकती है।

दोनों अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव में परमाणु कार्यक्रम को बातचीत के शुरुआती दौर से ही चर्चा में शामिल करने पर जोर दिया गया है। हालांकि, इस पहल के बीच सैन्य टकराव का खतरा बना हुआ है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर नए हमलों पर विचार कर रहा है और अमेरिकी सेना ने संभावित लक्ष्यों की सूची तैयार की है। इनमें ऊर्जा ढांचा और अर्थव्यवस्था से जुड़े अहम ठिकाने शामिल हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस बीच कतर, पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के अधिकारी तनाव घटाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

अमेरिकी सेना के शीर्ष रणनीतिकार बर्खास्त

एपी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना के शीर्ष रणनीतिकार लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को पद से हटा दिया है। हालांकि, उन्हें हटाने की वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। इस फैसले से ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सिल्विया ‘ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ’ में रणनीति, योजना और नीति के निदेशक यानी जे5 के पद पर तैनात थे। वह 32 साल से सेना में कार्यरत थे।

हेगसेथ के कार्यकाल में इस पद से हटाए जाने वाले वह दूसरे अधिकारी हैं। हेगसेथ के कार्यकाल में अब तक करीब दो दर्जन जनरलों, एडमिरलों और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाया जा चुका है। इन फैसलों की कांग्रेस में आलोचना भी हुई है। खाड़ी में अमेरिका की सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा पेंटागन ने पिछले महीने यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट युद्धपोत के जरिये एंफीबियस जहाजों और 9000 मरीन सैनिकों को सैन डिएगो बेस से खाड़ी की तरफ भेजा था।

इसके बाद खाड़ी में 20 हजार नाविकों और मरीन सैनिकों के साथ अमेरिका की 2003 के बाद इस क्षेत्र में सबसे बड़ी तैनाती हो चुकी है। ईरान युद्ध का खर्च भी बेतहाशा बढ़ चुका है।

पिछले दिनों कांग्रोस को पेंटागन ने रिपोर्ट सौंपी, जिसमें ये लागत 47.1 अरब डालर बताई है।

जहाज पर हमले के बाद भड़की आग

एएनआई के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में ओमान के अधिकार क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) के अनुसार, ये हमला ओमान के खसाब से 17 किलोमीटर (नौ नाटिकल मील) दूर हुआ। हमले की जिम्मेदारी किसी पक्ष ने नहीं ली है।