जंतर-मंतर ही नहीं, दुनिया के बड़े शहरों में भी हैं बड़े प्रदर्शन स्थल; एकसाथ जुटते हैं हजारों लोग
दिल्ली में जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन सूची से हटाने के बाद शहर के बीचों-बीच प्रदर्शन की अनुमति पर बहस छिड़ गई है।

दुनिया के बड़े शहरों में भी हैं प्रमुख प्रदर्शन स्थल

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की आधिकारिक सूची से हटाए जाने के बाद यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि क्या शहर के बीचों-बीच प्रदर्शन की इजाजत होनी चाहिए या नहीं। लेकिन दुनिया भर में कई जगहों पर फ्री-स्पीच जोन मौजूद हैं।
चाहे वह लंदन के हाइड पार्क में स्पीकर्स कॉर्नर हो, ट्रैफलगर स्क्वायर और पार्लियामेंट स्क्वायर हो, न्यूयॉर्क में यूनियन स्क्वायर हो, वाशिंगटन में लाफायेट स्क्वायर और नेशनल मॉल हो, इस्तांबुल में तकसीम स्क्वायर हो, सिंगापुर में होंग लिम पार्क हो या पेरिस में प्लेस डे ला बास्तील हो। यह सभी जगहें शहरों के बीचों-बीच स्थित हैं।
इसके अलावा, काहिरा का तहरीर स्क्वायर, कीव का मैदान नेजालेज्नोस्ती और बीजिंग का तियानमेन स्क्वायर हाल के इतिहास में हुए कुछ सबसे बड़े प्रदर्शनों के लिए दुनिया भर में मशहूर हो गए हैं।
पहले दिल्ली में यह थी जगह
दिल्ली में, शहर के बीचों-बीच स्थित बोट क्लब विरोध-प्रदर्शन की एक मशहूर जगह हुआ करती थी, लेकिन बाद में इसे इस दर्जे से हटा दिया गया और जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र बन गया। रामलीला मैदान, जो अभी भी विरोध-प्रदर्शन के लिए आधिकारिक जगह है, वह भी शहर के बीच में ही है, लेकिन जंतर-मंतर या बोट क्लब जितनी केंद्रीय जगह पर नहीं है।
चलिए जानते हैं शहरों के बीच स्थित दुनियाभर के चर्चित प्रदर्शन स्थलों के बारे में।
हाइड पार्क, लंदन
लंदन के मशहूर हाइड पार्क के उत्तर-पूर्वी कोने में स्पीकर्स कॉर्नर है, जो अभिव्यक्ति की आजादी के लिए समर्पित है। 1800 के दशक के मध्य से यह जगह सार्वजनिक भाषणों और बहसों के लिए एक पारंपरिक जगह रही है। इस जगह पर कई बड़ी और मशहूर हस्तियों ने भाषण दिए।
कार्ल मार्क्स और व्लादिमीर लेनिन जैसे नेताओं के साथ-साथ जॉर्ज ऑरवेल जैसी मशहूर हस्तियों ने भी यहां भाषण दिए हैं। 1872 में, संसद के एक कानून के तहत हाइड पार्क के इस हिस्से को सार्वजनिक भाषणों के लिए तय कर दिया गया था।
आज भी रविवार की सुबह स्पीकर्स कॉर्नर पर लोगों की भीड़ जुटना आम बात है, जो अपनी बात रखने वाले लोगों को सुनने आते हैं। इसकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, कोई भी व्यक्ति बिना पहले से बताए किसी भी विषय पर बोलने के लिए आ सकता है, बशर्ते पुलिस उनके भाषणों को कानून के दायरे में माने।
ट्रैफलगर स्क्वायर, लंदन
संग्रहालयों, गैलरियों, सांस्कृतिक जगहों और ऐतिहासिक इमारतों से घिरी यह जगह लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र है। यहां अक्सर वीकेंड पर राजनीतिक, धार्मिक और आम मुद्दों पर रैलियां और प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं। लंदन के मेयर इस लोकतांत्रिक परंपरा का समर्थन करते हैं और ऐसे कामों के लिए इस चौक का इस्तेमाल करने की इजाजत देते हैं।
व्हाइटहॉल/पार्लियामेंट स्क्वायर, लंदन
पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर (हाउस ऑफ पार्लियामेंट) के उत्तर-पश्चिम कोने पर स्थित और सरकारी दफ्तरों, डाउनिंग स्ट्रीट और वेस्टमिंस्टर एबे से सीधे जुड़ा हुआ यह इलाका ब्रिटिश सरकार और न्यायपालिका के केंद्र के पास होने की वजह से लोगों के इकट्ठा होने की एक अहम जगह है। यह जगह भी एक चर्चित प्रदर्शन स्थल है, जहां लोग जुटते हैं।
यूनियन स्क्वायर, न्यूयॉर्क
न्यूयॉर्क शहर के मैनहट्टन में यूनियन स्क्वायर पार्क एक ऐतिहासिक पब्लिक प्लाजा और राष्ट्रीय ऐतिहासिक लैंडमार्क है। यह 19वीं सदी के मध्य से ही आजाद आवाज उठाने, मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक रैलियों के लिए एक मुख्य केंद्र रहा है।
लाफायेट स्क्वायर, वाशिंगटन
यह जगह एक सदी से भी ज्यादा समय से आजाद आवाज उठाने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और नागरिक अधिकारों के लिए रैलियों का केंद्र रही है। 1889 के बाद से यहां कोई बाड़ नहीं रही है, जब इसे और खुला बनाने के लिए कास्ट-आयरन की बाड़ और गेट हटा दिए गए थे। लेकिन अब ट्रंप प्रशासन इस जगह पर फेंसिंग लगाने की योजना बना रहा है।
US कैपिटल ग्राउंड्स, वाशिंगटन
कई ऐतिहासिक घटनाएं, जैसे 1964 में वाशिंगटन मार्च और 1970 में अर्थ डे, यहां बड़ी संख्या में अमेरिकियों को लेकर आई हैं। यह जगह भी प्रदर्शनकारियों का मुख्य केंद्र रही है, हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी यहां जुटते हैं।
तकसीम स्क्वायर, इस्तांबुल
शहर के बीचों-बीच स्थित यह एक ऐतिहासिक और कड़ी सुरक्षा वाली सार्वजनिक जगह है, लेकिन यह मजदूर रैलियों, विरोध-प्रदर्शनों और प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा है।
होंग लिम पार्क, सिंगापुर
जमीन दान करने वाले एक व्यापारी के नाम पर रखा गया यह पार्क सिंगापुर की पहली राजनीतिक रैलियों का गवाह रहा है। हालांकि अब यहां सामुदायिक कार्यक्रम होते हैं, लेकिन यहां एक खास जगह है - 'स्पीकर्स कॉर्नर' - जो सिंगापुर के लोगों के लिए भाषण देने या प्रदर्शन करने की एकमात्र तय आउटडोर जगह है।
प्लेस डे ला बास्टिल, पेरिस
फ्रांसीसी क्रांति का प्रतीक यह जगह कई विरोध-प्रदर्शनों, राजनीतिक रैलियों और नागरिकों के मार्च का केंद्र रही है।
तहरीर स्क्वायर, काहिरा
इसे पहले इस्माइलिया स्क्वायर के नाम से जाना जाता था। यह दशकों से विरोध-प्रदर्शनों और रैलियों की पारंपरिक जगह रही है, जिसमें 1977 के मिस्र के 'ब्रेड दंगे' और 2011 की मिस्र की क्रांति शामिल हैं।
प्लाजा डी मेयो, ब्यूनस आयर्स
ब्यूनस आयर्स का सबसे पुराना पब्लिक स्क्वायर शहर के इतिहास की कई अहम घटनाओं का गवाह रहा है।
उहुरू पार्क, नैरोबी
शहर के मुख्य बिजनेस इलाके में स्थित यह पब्लिक पार्क विरोध-प्रदर्शनों, रैलियों और नागरिक समाज के आंदोलनों के लिए एक ऐतिहासिक जगह रही है, जिसमें 2024 में टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ 'जेन-जी' का विरोध-प्रदर्शन भी शामिल है।
मैदान नेजालेज्नोस्ती, कीव
इसे कीव स्क्वायर के नाम से भी जाना जाता है। यहां मशहूर 'इंडिपेंडेंस मॉन्यूमेंट' है और यह जगह नागरिक और राजनीतिक गतिविधियों के लंबे इतिहास से जुड़ी है।
जोकालो, मेक्सिको सिटी
आधिकारिक तौर पर इसे 'प्लाजा डी ला कॉन्स्टिट्यूशन' कहा जाता है। यह शहर का मुख्य स्क्वायर है और नागरिक सभाओं, राजनीतिक रैलियों और विरोध-प्रदर्शनों के लिए मुख्य जगह है। इसके एक तरफ राष्ट्रपति का कार्यालय और दूसरी तरफ मेक्सिको सिटी मेट्रोपॉलिटन कैथेड्रल है।
प्लाजा इटालिया, सैंटियागो
आधिकारिक तौर पर इसका नाम प्लाजा बाक्वेडानो है और प्रदर्शनकारी अक्सर इसे 'प्लाजा डे ला डिग्निडाड' कहते हैं। यह शहर का एक लैंडमार्क और राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों व राष्ट्रीय उत्सवों के लिए एक ऐतिहासिक जगह है।
