श्रीनगर, जागरण ब्यूरो। जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह (Dilbag Singh) ने शनिवार को कहा कि कश्मीर घाटी (Kashmir) में स्थिति के पूरी तरह सामान्य होने तक किसी भी तरह के धरने और प्रदर्शन (Protest) की इजाजत नहीं दी जा सकती। क्योंकि इससे कानून और व्यवस्था का संकट पैदा हो सकता है। हमारे लिए यहां आम लोगों के जान-माल की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि पूरे राज्य में विशेषकर कश्मीर घाटी में स्थिति को जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य और शांत बनाया जाए। जरा सी चूक पूरा माहौल बिगाड़ सकती है।

प्लेकार्ड पर लिखी थी भड़काऊ बातें

मंगलवार को श्रीनगर में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की बहन सुरैया और बेटी साफिया अब्दुल्ला के नेतृत्व में महिलाओं के एक प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को सही ठहराते हुए दिलबाग सिंह ने  कहा कि उनके पास प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। बेशक, वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रही थीं, लेकिन उन्होंने जो प्लेकार्ड उठा रखे थे, उन पर कुछ भड़काऊ बातें लिखी हुई थीं, जिनसे कानून और व्यवस्था पर असर हो सकता था।

लोगों को भड़काने के लिए आपको नारे लगाने की जरूरत नहीं

उन्होंने कहा कि लाल चौक में जमा हुई महिलाओं को मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति प्राप्त करने को कहा था, लेकिन वे नहीं मानी थीं। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी को भड़काने के लिए आपको चिल्लाने या नारे लगाने की जरूरत नहीं है। आपके हाथ में जो प्लेकार्ड है, उस पर क्या लिखा है, यह भी हालात बिगाड़ सकता है।                                                   

    

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