विवेक सिंह, जम्मू। सर्दियां शुरू हो चुकी हैं। पहाड़ों पर भारी बर्फबारी के साथ नियंत्रण रेखा (एलओसी) से घुसपैठ नहीं करने से हताश आतंकियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) का रुख किया है। ऐसे में सीमा सुरक्षा बल ने आइबी पर सर्दी प्रबंधन रणनीति को प्रभावी बनाया है। इसमें जवानों की अतिरिक्त तैनाती, अतिरिक्त नाके, अत्याधुनिक तकनीक वाले उपकरणों की संख्या बढ़ाने के साथ तारबंदी के आसपास देखते ही गोली मराने के आदेश होते हैं।

आइबी पर सर्दियों की चुनौतियां

जम्मू के मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ते ही सीमांत क्षेत्रों में कोहरा छाने लगता है। दूर तक देखना संभव नही होता है। पाक रेंजर्स सर्दियों में सीमा प्रहरियों पर दवाब बढ़ाने के लिए सीमांत क्षेत्रों में स्नाइपरों को सक्रिय कर देता है। पाक रेंजर्स के साथ पाक सेना में आतंकियों की आइबी से घुसपैठ करवाने के लिए हरकत में आ जाती है। आइबी से सटे इलाकों में पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीमों (बैट) के हमलों का खतरा बढ़ जाता है।

आतंकियों का एलओसी से आइबी की तरफ रुख 

जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर भारी बर्फबारी के कारण नवंबर से घुसपैठ के रास्ते बंद होने लगते हैं। आतंकी घुसपैठ करने के लिए जम्मू में आइबी के पार पाकिस्तानी इलाकों में सक्रिय हो जाते हैं। गुलाम कश्मीर में अलग-अलग लां¨चग पैड्स पर पांच सौ आतंकवादी नियंत्रण रेखा से घुसपैठ करवाने के लिए डेरा डाले थे। इन आतंकवादियों में से कइयों ने अब आइबी से सटे इलाकों का रुख कर लिया है। अक्टूबर के बाद से ऐसे 12 के करीब मामले हो चुके हैं। सीमा पर सरकंडे आतंकवादियों के छिपने में सहायक रहते हैं। ऐसे में सेना उन्हें साफ करती रहती है।

दहशतगर्दो की मौजूदगी के संकेत

सूत्रों के अनुसार, आइबी के पार आतंकवादियों की मौजूदगी के पुख्ता संकेत मिलने के बाद सुरक्षा के स्तर को बढ़ा दिया है। पाकिस्तान को सचेत कर दिया है कि कोहरे या सूरज ढलने के बाद अंधेरे की आड़ में कोई हथियारबंद सीमा के पास आया तो गोली मार दी जाएगी। सर्दी प्रबंधन रणनीति के तहत जम्मू संभाग के कठुआ, सांबा व जम्मू जिले में सीमा पर जवानों की तैनाती बढ़ाने के साथ अतिरिक्त नाके लगाए जा रहे हैं।

आधुनिक हथियार आएंगे काम

सीमा पर आधुनिक तकनीक भी दुश्मन को मार गिराने में अब काम आएगी। सीमा पर दुश्मन अंधेरे और घने कोहरे का फायदा उठाएगा तो अंधेरे में देखने में सक्षम आधुनिक नाइट विजन डिवाइस व हाई डेफिनेशन कैमरे से बच नहीं पाएगा। सीमा सुरक्षा बल के पास आधुनिक थर्मल इमेजर, हाई रेंज नाइट विजन और सेंसर भी है।

दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम बनाने के लिए पुख्ता बंदोबस्त

आइजी सीमा सुरक्षा बल जम्मू फ्रंटियर एनएस जम्वाल ने कहा कि सीमा पर दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम बनाने के लिए पुख्ता बंदोबस्त हैं। जवान गर्मी और सर्दी की चुनौतियों से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। सीमा पर तैनात सीमा प्रहरियों का हौसला ऊंचा है।

9 महीने में 140 से अधिक आतंकी ढेर

साल 2019 में शुरुआती 9 महीनों में भारतीय सेना ने 140 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है इस संख्या में नियंत्रण रेखा के साथ-साथ राज्य के भीतरी इलाकों में सेना के साथ विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए आतंकवादियों की संख्या भी शामिल है। ये आंकड़े एक जनवरी से 29 अगस्त तक सेना द्वारा मारे गए आतंकवादियों की संख्या के बारे में हैं। इसी अवधि के दौरान, घाटी में आतंकवाद संबंधी अभियानों में विभिन्न रैंकों से जुड़े 26 जवान शहीद हुए।

जनवरी से अगस्त तक जम्मू-कश्मीर में कुल 87 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं। जुलाई के अंतिम सप्ताह में पाकिस्तान के विशेष सेवा समूह के कमांडो बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के प्रयास को भी भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया था। सेना के जवानों ने नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे चार से अधिक बैट कमांडो को मार गिराया।

 

Posted By: Tanisk

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