जम्मू। जम्मू को नजरअंदाज कर कश्मीर को एम्स दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को जम्मू में बंद व चक्का जाम रहेगा। इस मुद्दे पर न सिर्फ विपक्षी राजनीतिक पार्टियां एकजुट हो गई हैं, बल्कि व्यापारिक व ट्रांसपोर्ट संगठनों की ओर से भी बंद को समर्थन देने से इसका कामयाब होना लगभग तय है।

एम्स के मुद्दे पर चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज जम्मू, नेशनल पैंथर्स पार्टी तथा जेएंडके हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने अपने-अपने स्तर पर शुक्रवार को बंद का आह्वान किया है। ट्रांसपोर्ट संगठन भी बनिहाल में टोल टैक्स वसूले जाने के मुद्दे पर संघर्षरत हैं और उन्होंने भी शुक्रवार के बंद का समर्थन किया है। प्रदेश कांग्रेस पार्टी जहां खुलकर इस बंद के समर्थन में आई है, वहीं नेशनल कांफ्रेंस ने जम्मू में एम्स खोले जाने की मांग को जायज ठहराया है।

वहीं शुक्रवार को जम्मू बंद के दौरान शहर में कई जगह सरकार विरोधी रैलियां व प्रदर्शन भी होने के आसार है। चैंबर ने सुबह प्रदर्शनी ग्राउंड के बाहर से रैली निकालने का फैसला किया है। चैंबर प्रधान राकेश गुप्ता ने वीरवार को एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा इस बंद को विफल करने का प्रयास कर रही है और अगर ऐसा हुआ तो उनका शांतिपूर्ण बंद उग्र भी हो सकता है, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।

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Edited By: Sumit Kumar

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