यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने 2 लोगों के अपहरण और हत्या को बताया अमानवीय, न्यायिक जांच की मांग की
Jamiat Ulema-e-Hind प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने राजस्थान में दो लोगों के कथित अपहरण और हत्या को अमानवीय और ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने राजस्थान में दो लोगों के कथित अपहरण और हत्या को अमानवीय और बर्बर करार दिया है और मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
राजस्थान के भरतपुर जिले के घाटमीका गांव निवासी नसीर (25) और जुनैद उर्फ जूना (35) के जले हुए शव गुरुवार सुबह हरियाणा के भिवानी के लोहारू में एक जली हुई कार में मिले। जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने हत्याओं की निंदा करते हुए सदमे और दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'यह कोई अकेला मामला नहीं है, इससे पहले हरियाणा के मेवात जिले के हुसैनपुर गांव निवासी वारिस नाम के एक अन्य युवक की भी इसी तर्ज पर 28 जनवरी 2023 को हत्या कर दी गई थी।'
मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हो रही है घटनाएं
उन्होंने कहा, 'मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ नफरत और अपराधों की ये सभी घटनाएं देश में ध्रुवीकरण और खराब माहौल पैदा करने की ओर इशारा करती हैं।'
राजस्थान की एक अदालत ने गोरक्षकों द्वारा दो लोगों के कथित अपहरण और हत्या के मामले में शनिवार को एक आरोपी को पांच दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया, जबकि हरियाणा में अधिकारियों ने बजरंग दल के सदस्य मोनू मानेसर का शस्त्र लाइसेंस रद्द करने का फैसला किया।'
अमानवीय कृत्यों को किसी भी समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता
उन्होंने आरोप लगाया, 'एक विडंबना यह है कि अभियुक्तों के नाम होने और उनके खिलाफ पुलिस मामले दर्ज होने के बावजूद, यह देखा गया है कि जो लोग खुद को गौ रक्षक के रूप में पेश करते हैं, वे अक्सर राज्य प्रशासन और पुलिस के संरक्षण में काम करते हैं, जो किसी भी तरह की कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई, आमतौर पर उनकी रक्षा करती है।'
मदनी ने कहा कि इस तरह के 'अमानवीय, बर्बर और असभ्य" कृत्यों को किसी भी समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।'
उचित प्रक्रिया के तहत मुकदमा चलाया जाए
मदनी ने केंद्र सरकार को लिखे एक पत्र में यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और उचित कदम उठाने का आग्रह किया कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और कानून की उचित प्रक्रिया के तहत मुकदमा चलाया जाए, जमीयत द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है।
संगठन ने कहा कि आरोपियों के अलावा उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए जो इस मामले को अंजाम देने में शामिल हैं।
प्रभावित परिवार के पुनर्वास के उपायों की मांग की गई
जमीयत ने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करे और राज्य पुलिस को घटना में नामजद लोगों को गिरफ्तार करने और मुकदमा चलाने का निर्देश दे। जमीयत ने मामले की तत्काल न्यायिक जांच और प्रभावित परिवार के पुनर्वास के उपायों की मांग की गई है।
जमीयत के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में जमीयत उलमा-ए-हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ितों के परिवार से मुलाकात की और पीड़ित परिवार को जमीयत की कानूनी सहायता का आश्वासन दिया।
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