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'ईरान की लीडरशिप से संपर्क मुश्किल, हाई अलर्ट पर भारतीय दूतावास', मिडिल ईस्ट तनाव पर बोले एस जयशंकर

Published: Mon, 09 Mar 2026 01:17 PM (IST)

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि ...और पढ़ें

HighLights

  1. जयशंकर ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर गहरी चिंता जताई।

  2. ईरान के नेतृत्व से संपर्क में कठिनाई का उल्लेख किया।

  3. एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में मिडिल में जारी जंग पर चिंता व्यक्त की है। एस जयशंकर ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ईरान की लीडरशिप से संपर्क मुश्किल हो गया है। साथ ही उन्होंने संवाद और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने की अपील की।

मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर जयशंकर ने सदन को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सरकार का प्राथमिक ध्यान वहां फंसे एक करोड़ से अधिक भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। भारत इस अस्थिरता को रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर निरंतर संपर्क में है।

संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता

विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच जयशंकर ने कहा, "हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "मिडिल ईस्ट में जारी तनाव भारत के लिए विशेष रूप से चिंदा का विषय है। क्योंकि एक करोड़ से अधिक भारतीय खाड़ी देशों और क्षेत्र में रहते और काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और इसमें तेल और गैस के कई महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता शामिल हैं। हम एक पड़ोसी क्षेत्र हैं और पश्चिम एशिया की स्थिरता हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।"

हालात बेहद खराब

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, " खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। ईरान में भी कुछ हज़ार भारतीय अध्ययन या रोजगार के लिए मौजूद हैं। संघर्ष लगातार तीव्र होता जा रहा है और क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बेहद बिगड़ गई है। संघर्ष अन्य देशों में भी फैल गया है, जिससे भारी तबाही मच रही है।"

हाई अलर्ट पर दूतावास

जयशंकर ने कहा, " व्यापार के सिलसिले में ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया जाने और भारत लौटने में मदद की गई है। तेहरान स्थित हमारा दूतावास पूरी तरह से कार्यरत है और हाई अलर्ट पर है। हम इस समय भारतीय समुदाय को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारतीय दूतावास ने तेहरान में रह रहे कई भारतीय छात्रों को देश से बाहर स्थानांतरित करने में सहायता की है। "

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