सऊदी और यूएई के विदेश मंत्रियों से जयशंकर ने की बात, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का उठाया मुद्दा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका-इजरायल-ईरान तनाव के बीच सऊदी अरब और यूएई के विदेश मंत्रियों से पश्चिम एशिया की ...और पढ़ें

पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग के मद्देनजर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्रियों से पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
जयशंकर ने शनिवार रात यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से फोन पर बातचीत की। जयशंकर ने रविवार को इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से संबंधित घटनाक्रम पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ चर्चा की।
20 फीसदी हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है
नाहयान के साथ हुई बातचीत के बारे में जयशंकर ने कहा- 'क्षेत्रीय स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया।' माना जाता है कि जयशंकर की दोनों विदेश मंत्रियों के साथ हुई बातचीत में भारत की ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा भी शामिल था।
ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरे समुद्री परिवहन मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। वैश्विक तेल और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्त्रोत रहा है। वैसे भी विदेश मंत्री की यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब भारत पश्चिम एशिया में जारी जंग पर ब्रिक्स देशों के बीच एक सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है। भारत वर्तमान में इस प्रभावशाली समूह का अध्यक्ष है। हाल ही में ईरान, यूएई और कुछ अन्य देशों को ब्रिक्स में शामिल किया गया है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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