नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जैश-ए-मुहम्मद के आपरेशनल कमांडर कासिम जान को भारतीय सीमा में आतंकियों की घुसपैठ का जिम्मा सौंपा गया है। कासिम वर्ष 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले का आरोपित है। इस आतंकी के दक्षिण कश्मीर में ओजीडब्ल्यू से अच्छे संपर्क हैं। जैश का आपरेशनल कमांडर सीधे तौर पर जैश के सरगना मसूद अजहर के भाई रऊफ लाला के संपर्क में हैं। अफगानिस्तान से यूएस सेना को हटाने के बाद तालिबानी आतंकियों की तरह जैश के आतंकी भी जम्मू-कश्मीर के बार्डर पर सक्रिय हो गए हैं। करीब 14 आतंकियों के ग्रुप को गुजरांवाला में प्रक्षिशित किया जा रहा है ताकि उन्हें भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाई जाए।

उल्लेखनीय है कि करीब 250 आतंकवादी नियंत्रण रेखा के पार लांचिंग पैड में घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। अल बदर ने संगठन फिर से लश्कर-ए-मुस्तफा नामक फ्रंट बनाया है। इसका मुखिया हिदायतउल्लाह मलिक है। खैबर पखतूनवाला के जंगल मंगल कैंप में 23 के करीब आतंकी ट्रेनिंग ले रहे हैं। बताया जाता है कि गत दिनों जम्मू के बन टोल प्लाजा में मारे गए चारों आतंकी आत्मघाती दस्ते से संबंधित थे।

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