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जयपुर: संपत्ति विवाद में बड़े भाई की हत्या, अमेरिका से 24 साल वाद लौटा था आरोपित

Published: Wed, 30 Sep 2026 06:51 AM (IST)

जयपुर में मंगलवार को संपत्ति विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप ...और पढ़ें

जयपुर: संपत्ति विवाद में बड़े भाई की हत्या

जयपुर: संपत्ति विवाद में बड़े भाई की हत्या

HighLights

  1. जयपुर में दो भाइयों के बीच हुआ विवाद, आरोपित ने चाकू से किया हमला

  2. कारोबार में नुकसान होने के बाद आरोपित 11 महीने पहले आया था वापस

जागरण संवाददाता, जयपुर। बनीपार्क थाना क्षेत्र में मंगलवार को संपत्ति विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि 24 साल वाद अमेरिका से लौटे छोटे भाई ने अपने 65 वर्षीय बड़े भाई श्याम बगानी पर पहले डंडे से हमला किया और बाद में चाकू से वार कर दिया।

गंभीर रूप से घायल श्याम को एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपित मुरली बगानी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, श्याम बगानी स्कूटर से मंदिर जाने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान सिंधी कालोनी स्थित उनके घर से करीब 300 मीटर दूर राम पार्क के पास आरोपित ने उन्हें रोक लिया। दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हुई।

आरोप है कि मुरली ने पहले डंडे से श्याम पर हमला किया और फिर चाकू निकालकर उन पर वार कर दिया। वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर हमले के कारणों और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर था विवाद

प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने दोनों भाइयों के बीच पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस इस विवाद को हत्या की घटना से जोड़कर जांच कर रही है। परिवार में तीन भाई थे। सबसे बड़े भाई प्रकाश बगानी की वर्ष 2014 में अमेरिका में मृत्यु हो गई थी।

श्याम दूसरे नंबर के और मुरली सबसे छोटा भाई था। श्याम परिवार के पैतृक मकान में रहते थे। आरोपित लगभग 24 साल से अमेरिका में था। कारोबार में नुकसान होने के बाद वह करीब 11 महीने पहले जयपुर लौटा था।

पुलिस ने यह भी बताया कि विदेश जाने से पहले, जयपुर के महिला पुलिस थाने में आरोपित के खिलाफ़ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। उस मामले में छह सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था और बाद में जेल से रिहा कर दिया गया था।