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जेल या वीआईपी लाउंज? बेंगलुरु की जेल में फोन पर बात करते दिखा दुष्कर्म का दोषी प्रज्वल रेवन्ना

Published: Thu, 13 Aug 2026 12:57 PM (GMT+05:30)

बेंगलुरु जेल में दुष्कर्म के दोषी प्रज्वल रेवन्ना का मोबाइल फोन पर बात करते हुए एक वीडियो सामने आया है, जिससे जेल सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

HighLights

  1. प्रज्वल रेवन्ना जेल में मोबाइल फोन पर बात करते दिखे।

  2. वीडियो सामने आने से जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे।

  3. सीसीबी छापेमारी में 5G फोन और अन्य सामान बरामद हुआ।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बीते दिन खबर आई थी कि रेप मामले में दोषी पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास से बेंगलुरु जेल में मोबाइल फोन बरामद हुआ और इस मामले में अधिकारियों पर गाज भी गिरी। अब एक वीडियो सामने आया है जिसमें रेवन्ना को परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल की अपनी कोठरी में मोबाइल फोन पर आराम से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है।

इस वीडियो ने जेल की सुरक्षा और वहां प्रतिबंधित सामान मिलने को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। रेवन्ना को जेल की कोठरी के अंदर फोन का इस्तेमाल करते हुए और आम कपड़े पहने देखा गया है।

क्राइम ब्रांच ने जेल में की थी छापेमारी

यह वीडियो सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की उस हाई-सिक्योरिटी जेल में छापेमारी के कुछ समय बाद सामने आया है, जिसमें रेवन्ना और एक अन्य कैदी प्रताप राय की साझा कोठरी से एक 5G स्मार्टफोन, चार्जर, पेन ड्राइव और अन्य सामान बरामद किए गए थे।

खड़े हुए सवाल

वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि यह वीडियो कैसे रिकॉर्ड किया एक मोबाइल फोन इतनी कड़ी सुरक्षा वाली जेल की कोठरी तक कैसे पहुंचा। इस बरामदगी के बाद जेल अधिकारियों ने विभागीय जांच शुरू कर दी है।

छापेमारी में 5G फोन मिला

परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में लगभग 100 कर्मचारियों के साथ सीसीबी ने अचानक छापेमारी की। अधिकारियों ने सिक्योरिटी सेक्शन 3 की पहली मंजिल पर बनी कोठरी से एक रेडमी 5G स्मार्टफोन, चार्जर, पेन ड्राइव और एक स्क्रिबलिंग पैड बरामद किया।

शिकायत के अनुसार, फोन में WhatsApp, फेसबुक, इंस्टाग्राम, नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो जैसे ऐप्स थे। बताया जा रहा है कि ये ऐप्स पासवर्ड से सुरक्षित थे और अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान किसी भी कैदी ने पासवर्ड नहीं बताया।

जांच के दौरान प्रताप ने कथित तौर पर अधिकारियों को बताया कि फोन, चार्जर और पेन ड्राइव उसी के थे और वह अपने रिश्तेदारों और वकील से संपर्क करने के लिए फोन का इस्तेमाल करता था। खबरों के मुताबिक, रेवन्ना ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने परिवार और वकील से संपर्क करने के लिए उसी फोन का इस्तेमाल किया था।

कई घंटों तक चली छापेमारी

हाई-सिक्योरिटी वाले हिस्से की तलाशी दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक ली गई। अधिकारी जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज देख रहे हैं और और जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान रखने से जुड़े नियमों के तहत रेवन्ना और प्रताप के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी) एम. नारायण ने कहा, "मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई है। हमें प्रज्वल और प्रताप से पूछताछ करने के लिए कोर्ट से मंजूरी मिल गई है।"

इस घटनाक्रम ने और सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि जेल प्रशासन ने 6 अगस्त को रेवन्ना की बैरक की तलाशी ली थी और कहा था कि कोई प्रतिबंधित सामान नहीं मिला, जबकि बाद में सीसीबी की छापेमारी में फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुए।

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