नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। मैं ताजमहल हूं। दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल। मुझे दुनियाभर में मोहब्बत की निशानी के तौर पर देखा जाता है और बड़ी से बड़ी हस्तियां जब भारत आती हैं तो उत्तर प्रदेश के आगरा में आकर हमारा दीदार करती हैं। लेकिन, आज हमारे अस्तित्व पर सवाल खड़ा किया जा रहा है। हमें बनवाने वाले उस शाहजहां पर ऊंगली उठाकर इतिहास के पन्नों को बिना ठीक से झांके सवाल खड़ा किया जा रहा है।

संगीत सोम ने खड़ा किया विवाद
जी हां, ताजमहल पर बार-बार विवाद खड़ा किया जा रहा है। ताज़ा मामला है भाजपा के विधायक संगीत सोम का। संगीत सोम ने सोमवार को ताजमहल पर जिस तरह का बयान दिया है उसके बाद सियासी घमासान शुरु हो गया। संगीत सोम ने कहा कि कुछ लोगों को बहुत दर्द हुआ जब ताजमहल का नाम देश के ऐतिहासिक स्थलों में से निकाल दिया गया। सोम यहीं नहीं रुके और आगे कहा कि ताजमहल का इतिहास क्या है? ऐसा इतिहास किस काम का जिसने अपने पिता को ही कैद कर डाला था।

बयान पर हुआ सियासी बवाल
संगीत सोम के इस बयान पर अपने विवादित बयानों के लिए जाने जानेवाले एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि लाल किले को भी गद्दारों ने बनाया था, क्या पीएम मोदी लालकिले से तिरंगा फहराना बंद कर देंगे। क्या मोदी-योगी देशी-विदेशी सैलानियों को ताजमहल जाने से मना करेंगे। ओवैसी ने कहा कि हैदराबाद हाउस भी गद्दारों के द्वारा ही बनाया गया था, क्या पीएम मोदी वहां पर विदेशी मेहमानों को रिसीव करना बंद कर देंगे।

जबकि, समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने कटाक्ष करते हुए कहा कि लालकिला, संसद, राष्ट्रपति भवन सब गुलामी की निशानियां हैं। मैं तो कहूंगा कि राष्ट्रपति भवन को ढहा देना चाहिए। तो वहीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ताज महल के जवाब में ब्रिटिश स्मारकों को लेकर सवाल पूछा। ममता ने कहा कि यदि ताजमहल गद्दारों ने बनवाया तो फिर ब्रिटिश स्मारकों पर क्या कहेंगे? ममता बनर्जी ने कहा, 'मुझे टिप्पणी करने में भी शर्म महसूस हो रही है। ब्रिटिश काल में बहुत सी चीजें तैयार की गईं और वे हेरिटेज हैं।'

सामने आये सीएम योगी और पीएम मोदी
ताजमहल पर मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे एक निजी बयान करार दिया। योगी पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद 26 अक्टूबर को आगरा जा रहे हैं जहां ताजमहल के साथ ही अन्य ऐतिहासिक इमारतों का दौरा करेंगेो। संगीत सोम के बयान पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कौन क्या कहता है, यह महत्वपूर्ण नहीं है। सबसे जरूरी यह है कि भारतीयों के खून-पसीने से बने हर एक स्मारक का संरक्षण किया जाए। उन्होंने साथ ही कहा कि पर्यटन की दृष्टि से भी स्मारकों का संरक्षण जरूरी है। योगी ने आगे कहा कि आजम खान और ओवैसी के बयानों को अगर गंभीरता से लिया जाता है तो अफसोस की बात है। उधर, पीएम मोदी ने भी साफ कर दिया है कि देश के ऐतिहासिक विरासत पर गर्व करने की जरूरत है।

क्या है ताजमहल का इतिहास
ताजमहल को शाहजहां ने अपनी बेगम ममुताज महल की याद में बनवाया था। दरअसल, शाहजहां के 14वीं संतान को जन्म देते समय मुमताज का निधन हो गया था और उनकी याद में ही शाहजहां ने ताजमहल बनवाया। इसकी शुरुआत 1631 में की गई और 22 साल बाद 1653 में पूरा किया जा सका। इसके निर्माण में उत्तर भारत के करीब 20 हजार मजदूरों ने काम किया। ऐसा बताया जाता है कि ताजमहल के निर्माण के बाद शाहजहां ने मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे जिसके चलते मजदूरों ने उसकी छत में एक छेद कर दिया था। जहां से पानी टपकता रहता है।

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Posted By: Rajesh Kumar

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