नई दिल्‍ली (स्‍पेशल डेस्‍क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अमेरिकी यात्रा पर वाशिंगटन पहुंच चुके हैं। यहां पर उनकी मुलाकात पहली बार अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से होनी है। इसके अलावा वह पहले ऐसे राष्‍ट्राध्‍यक्ष हैं जो ट्रंप के साथ व्‍हाइट हाउस में डिनर करेंगे। इन दोनों राष्‍ट्राध्‍यक्षों की मुलाकात पर न सिर्फ चीन बल्कि पाकिस्‍तान की भी निगाह लगी हुई है। चीन के सरकारी मीडिया और पाकिस्‍तान के बड़े अखबारों ने इस बारे में खबर भी प्रकाशित की हैं। दोनों अखबारों में ट्रंप-मोदी की मुलाकात को लेकर कई तरह के कयास लगाए हैं। इनमें कहा गया है कि इस मुलाकात में जहां चीन के बढ़ते कदमाें को लेकर चर्चा हो सकती है वहीं पाकिस्‍तान के रास्‍ते में रुकावट पैदा करने को लेकर भी विचार-विमर्श हो सकता है।

गौरतलब है कि चीन ने हाल ही में अफ्रीका के जिबूति में अपना एक मिलिट्री बेस बनाया है। चीन की विस्‍तारवादी नीति का यह एक हिस्‍सा है। इसके मायने अमेरिका के लिए भी काफी खास इसलिए हैं क्‍योंकि यहां पर ही अमेरिकी नौसेना का भी एक बेस मौजूद है। इसके अलावा दक्षिण के रास्‍ते स्‍वेज नहर जाने का भी यह एक मार्ग है। लिहाजा चीन के बढ़ते कदम जहां भारत के लिए चिंताजनक हैं वहीं अमेरिका के लिए काफी परेशान करने वाले हैं। पाकिस्‍तान के अखबार डॉन ने अपनी खबरों में पीएम मोदी की यात्रा से पहले अमेरिकी सरकार द्वारा भारत को 22 ड्रोन सौदे को मंजूरी को भी प्रमुखता दी है। इसके अलावा पीएम मोदी की यात्रा से पहले ही अमेरिकी संसद में पाकिस्‍तान के खिलाफ एक बिल लाने और उसको दिया गया एमएनएनए दर्जा दिए जाने पर भी खबर प्रकाशित की गई है।

 

ट्रंप और मोदी की मुलाकात को लेकर उत्‍साह साफतौर पर देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को यादगार बनाने का पक्षधर है। सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से डिनर का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप पहली बार किसी विदेशी नेता के सम्मान में डिनर दे रहे हैं। यह एक महत्वपूर्ण बात है। इसकी पहल करते हुए डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत को एक 'सच्‍चा मित्र' करार दिया है। वहीं सोमवार को दोनों राष्‍ट्राध्‍यक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श होना है। वहीं इस यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप प्रशासन के साथ बहु-स्तरीय और विस्तृत साझीदारी बनाने के लिए दूरंदेशी दृष्टिकोण स्थापित करने की मंशा ज़ाहिर की थी। दोनों नेता अब तक फोन पर तीन बार बात कर चुके हैं।

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पीएम नरेंद्र मोदी की इस अमेरिकी यात्रा से जुड़ी ये हैं कुछ खास बातें :-

- दोनों देशों के बीच रक्षा व ऊर्जा साझीदारियों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श होगा।  इत्‍तफाक यह भी है कि अमेरिका में इस दौरान ऊर्जा सप्ताह मनाया जा रहा है।

- दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत में वैश्विक आतंकवाद का मुद्दा और इसको खत्‍म करने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर भी जरूर बात होगी।
- व्‍हाइट हाउस में दोनों नेता करीब पांच घंटे साथ बिताएंगे। इसके अलावा शिष्टमंडल स्तर की बैठक भी हाेंगी।

- व्‍हाइट हाउस में होगी कॉकटेल पार्टी और डिनर।

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- डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर आसीन होने के बाद किसी विदेशी नेता के लिए व्हाइट हाउस में आयोजित होने जा रहा यह पहला रात्रिभोज है।

- इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना को 22 गार्जियन गैर-हथियारबंद ड्रोन विमान सौदे की बिक्री पर औपचारिक रूप से दस्‍तखत किए जाएंगे। यह सौदा करीब 3 अरब अमेरिकी डॉलर का है।

- दोनों राष्‍ट्राध्‍यक्षों के बीच होने वाली बातचीत के बाद एक साझा बयान भी जारी किया जाएगा। हालांकि इस दौरान पेरिस समझौते समेत किसी भी तरह के विवादित मुद्दों पर कोई सवाल-जवाब नहीं होगा।

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यात्रा में दुनिया की बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र में शिरकत करेंगे। 200 साल पुराने विल्लार्ड होटल में आयोजित होने जा रहे इस सत्र में अमेजन के प्रमुख जेफ बेजोस, एप्पल के टिम कुक, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला और गूगल के सुंदर पिचाई के भी शामिल होने की संभावना है। इस दौरान मुमकिन है कि पीएम मोदी सभी को जीएसटी के बारे में भी जानकारी साझा करेंगे। 

- वर्जीनिया में भारतीय समुदाय के लोगों द्वारा आयोजित भोज में भी वह शिरकत करेंगे।

Posted By: Kamal Verma

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